Bihar Crime: छात्र अटल पांडेय हत्याकांड में कोर्ट का बड़ा फैसला, दो और अभियुक्तों को मिली उम्रकैद की सजा

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 20 Feb 2025 3:20 PM

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सजा होने के बाद अपने अधिवक्ता के साथ निकलते सजायप्ता

Bihar Crime: गोपालगंज जिले में भूमि विवाद में कुछ लोगों ने लखनऊ में पढ़ रहे छात्र अटल पांडेय को चाकू से हमला कर घायल कर दिया गया था. कोर्ट ने इस मामले में सभी अभियुक्तों को दोषी करार दिया है.

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Bihar Crime: गोपालगंज जिले विजयीपुर के चर्चित छात्र अटल पांडेय हत्याकांड में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश -10 मानवेंद्र मिश्र की कोर्ट ने गुरुवार को दो और अभियुक्तों को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा दिया. डेढ़- डेढ़ लाख रुपये का अर्थदंड का आदेश दिया है. एडीजे कोर्ट ने विजयीपुर थाना के कोरया गांव के रामकेवल मांझी के पुत्र सिकंदर मांझी उम्र 25 तथा राम वली यादव के पुत्र राकेश यादव उम्र 32 को हत्या में दोषी पाते हुए भादसं की धारा 302 के तहत सश्रम आजीवन कारावास एवं प्रत्येक अभियुक्त के ऊपर एक-एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा तथा धारा-307 के तहत अभियुक्तों को 10-10 वर्ष का कठोर कारावास एवं 50-50 हजार रुपया अर्थदंड की सजा मुकर्रर किया है. सभी सजाएं साथ-साथ चलेगी. दोषसिद्ध अपराधी द्वारा अर्थ दंड की राशि का भुगतान नहीं किये जाने पर उसे दोनों अपराध के लिए अलग-अलग छह-छह माह की कठोर कारावास की अतिरिक्त सजा भुगतना होगा.

चल रही थी स्पीडी ट्रायल

कोर्ट में बचाव पक्ष से वरीय अधिवक्ता रामनाथ साहु, अजात शत्रु और अभियोजन पक्ष से एपीपी अनिल शर्मा और जयराम साह के तरफ से अपने- अपने साक्ष्य और दलीलों को पेश किया. अभियोजन पक्ष की ओर से 10 चश्मदीद गवाहों के बयान को दर्ज कराया गया था. बचाव पक्ष से भी दर्जन भर साक्षियों को कोर्ट में पेश किया गया था. अभियोजन की ओर से कांड की पेन ड्राइव में फुटेज भी उपलब्ध कराया गया. इस कांड में राकेश यादव 23 सिंतबर 2022 तथा जबकि सिकंदर मांझी 28 जुलाई 2023 से जेल में बंद थे. पटना हाइकोर्ट के आदेश पर इस कांड की स्पीडी ट्रायल चल रही थी.

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छात्र अटल पांडेय हत्याकांड को भी जाने

विजयीपुर थाने के कोरेया गांव में 2 दिसंबर 2021 को भूमि विवाद में गांव के संजय पांडेय, सिन्टू पांडेय, जगदंबा पांडेय और लखनऊ में पढ़ रहे छात्र अटल पांडेय को चाकू से जानलेवा हमला कर घायल कर दिया गया था. कोर्ट ने माना कि इन अभियुक्तों ने एक 16 वर्ष के किशोर अटल पांडेय, जो अपने पिता का इकलौता पुत्र था. उसकी संपति के लालच में हत्या को अंजाम दिया, साथ ही मृतक अटल पांडेय को बचाने गए अन्य व्यक्तियों पर भी जानलेवा हमला किया. जिसमें संजय पांडेय, सिन्टू पांडेय, जगदंबा पांडेय को भी जान मारने के नियत से उनके शरीर के मर्म स्थलों पर घातक हथियार से प्रहार किया.

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Paritosh Shahi

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परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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