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पंचदेवरी व बरौली की सीडीपीओ के वेतन पर लगी रोक

Updated at : 12 Jul 2024 10:32 PM (IST)
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Lawrence Bishnoi

डीएम मो मकसूद आलम की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में आइसीडीएस एवं स्वास्थ्य विभाग के साथ प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाइ) एवं मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना की समीक्षा बैठक की गयी.

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गोपालगंज. डीएम मो मकसूद आलम की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में आइसीडीएस एवं स्वास्थ्य विभाग के साथ प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाइ) एवं मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना की समीक्षा बैठक की गयी. समीक्षा के क्रम में पाया गया कि पीएमएमवीवाइ में 5052 आवेदन प्राप्त हुए हैं. इनमें मात्र 909 आवेदन अपलोड हैं. वहीं मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के कुल 1695 आवेदनों में सुयोग्य लाभुकों की संख्या 369 ही अपलोड पाये गये. आवेदन अपलोड नहीं होने पर डीएम ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सभी सीडीपीओ को निर्देश दिया कि संबंधित एमओआइसी से को-ऑर्डिनेट कर आरसीएच की सूची प्राप्त कर लें और शाम तक आवेदनों को अपलोड करना सुनिश्चित करें. वहीं पंचदेवरी और बरौली की सीडीपीओ के बैठक में उपस्थित नहीं रहने पर डीएम द्वारा वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण का निर्देश दिया गया. डीएम द्वारा सभी को निर्देश दिया गया कि शत-प्रतिशत टारगेट को पूर्ण करना सुनिश्चित करें. योजनाओं के लिए आवश्यक अनिवार्य कागजात एवं रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया की जानकारी सभी को दी गयी. डीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना मजदूरी की क्षति के बदले नकद को प्रोत्साहन के रूप में आंशिक क्षतिपूर्ति प्रदान करनी है ताकि महिलाएं पहले से जीवित बच्चों के जन्म के समय और बाद में पर्याप्त विश्राम कर सकें. प्रदान की गयी नकद प्रोत्साहन राशि से गर्भवती महिलाओं एवं स्तनपान कराने वाली माता के स्वस्थ रहने के मामले में सुधार होगा. प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना समाज के सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित वर्गों से संबंधित गर्भवती महिलाएं एवं स्तनपान करने वाली माताएं और सभी पात्र गर्भवती महिलाएं एवं स्तनपान कराने वाली माता को परिवार में पहले बच्चे के लिए लाभ दिया जायेगा और दूसरा बच्चा कन्या शिशु के जन्म होने की स्थिति में अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दी जायेगी. प्रथम संतान के लिए 5000 नकद, दो किस्तों में दिया जायेगा. प्रथम किस्त 3000 गर्भावस्था के शीघ्र पंजीकरण पर एवं कम से कम एक प्रसव पूर्व जांच एएनसी प्राप्त करने के पश्चात दिया जायेगा. वहीं दूसरी किस्त 2000 बच्चे के जन्म के पंजीकरण के बाद और बच्चे को बीसीजी, ओपीवी, डीपीटी और हेपेटाइटिस बी, या इसके समकक्ष विकल्प का पहला चक्र प्राप्त होने के बाद दिया जायेगा और कन्या शिशु के जन्म पर 6000 की राशि एक किस्त में दी जायेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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