करोड़ों रुपये की लागत से बना हाइवे धंसा

Published at :07 May 2017 6:23 AM (IST)
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करोड़ों रुपये की लागत से बना हाइवे धंसा

धांधली. हाइवे पर धंसी सड़क बिगाड़ रही गाड़ियों का संतुलन वर्ष 2012 में 328 करोड़ की लागत से पीसीएल कंपनी द्वारा एनएच 28 के कुछ भाग का निर्माण कराया गया. चार वर्षों में ही करोड़ों की लागत से बनी सड़क धंस कर न सिर्फ गाड़ियों का संतुलन बिगाड़ रही है बल्कि बड़े खतरे को दावत […]

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धांधली. हाइवे पर धंसी सड़क बिगाड़ रही गाड़ियों का संतुलन

वर्ष 2012 में 328 करोड़ की लागत से पीसीएल कंपनी द्वारा एनएच 28 के कुछ भाग का निर्माण कराया गया. चार वर्षों में ही करोड़ों की लागत से बनी सड़क धंस कर न सिर्फ गाड़ियों का संतुलन बिगाड़ रही है बल्कि बड़े खतरे को दावत भी दे रही है.
गोपालगंज : आप एनएच 28 से गुजर रहे हैं, तो जरा सावधानी बरतें. रफ्तार पर लगाम नहीं लगी, तो आपकी गाड़ी का संतुलन बिगड़ सकता है और आप बड़े हादसे का शिकार हो सकते हैं. कारण है सड़क का धंस जाना. एनएच 28 सड़क इन दिनों बनकट से लेकर बरहिमा मोड़ तक अधिकतर जगहों पर धंस चुका है. खास कर रामपुर गांव के सामने इस हाइवे की स्थिति पूरी तरह खराब हो चुकी है. ऐसे में इस राष्ट्रीय सड़क से गुजरने वाले खास कर चरपहिया वाहनों का संतुलन बिगड़ रहा है.
प्रतिदिन कई गाड़ियां बड़ी दुर्घटना का शिकार होते-होते बच रही हैं. सड़क की यह स्थिति विगत छह माह से है, लेकिन इसकी मरम्मत के लिए एनएचएआइ आज तक ध्यान न दिया. सवाल यह है कि इस घटिया सड़क निर्माण का जिम्मेवार कौन है और कोई बड़ा हादसा होता है, तो उसकी जिम्मेवारी कौन लेगा?इस्ट वेस्ट कॉरीडोर योजना के तहत एनएच 28 के फोर लेन निर्माण का कार्य पीसीएल कंपनी द्वारा कराया गया. वैसे तो कंपनी को उत्तरप्रदेश की सीमा बथनाकुटी से लेकर डुमरिया पुल तक निर्माण का जिम्मा मिला था. कंपनी के पैकेज 10 द्वारा सोनबरसा से लेकर डुमरिया तक कार्य कराया गया. एनएचएआइ ने इस कार्य को पूरा मान भी लिया. सड़क निर्माण पर प्रति किमी डेढ़ करोड़ से अधिक का खर्च आया.
सड़क की स्थिति
धंसी सड़क की लंबाई छह किमी– बनकट से बरहिमा तक
निर्माण वर्ष-– 2013
लागत खर्च – प्रति किमी डेढ़ करोड़ लगभग
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