नये फॉर्मूले से हो रही ऑनलाइन ठगी

Published at :28 Apr 2017 11:39 PM (IST)
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नये फॉर्मूले से हो रही ऑनलाइन ठगी

सावधान. साइबर अपराधी एटीएम का क्लोन बना कर बैंक खाते में लगा रहे सेंध सोशल मीडिया और ऑनलाइन शॉपिंग का क्रेज बढ़ने के साथ ही साइबर क्राइम का ग्राफ भी तेजी से बढ़ रहा है. नये फॉमूले से ऑनलाइन ठगी हो रही है. साइबर अपराधी खाते से सेंध लगा रहे हैं. गोपालगंज : मोबाइल पर […]

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सावधान. साइबर अपराधी एटीएम का क्लोन बना कर बैंक खाते में लगा रहे सेंध

सोशल मीडिया और ऑनलाइन शॉपिंग का क्रेज बढ़ने के साथ ही साइबर क्राइम का ग्राफ भी तेजी से बढ़ रहा है. नये फॉमूले से ऑनलाइन ठगी हो रही है. साइबर अपराधी खाते से सेंध लगा रहे हैं.
गोपालगंज : मोबाइल पर कॉल करने के बाद गोपनीय नंबर मालूम कर साइबर अपराधी आपके पैसों से खरीदारी कर रहे हैं. एटीएम का क्लोन बना कर बैंक खाते से सेंध लगाने के केस भी लगातार सामने आ रहे हैं. बार-बार सावधान करने के बावजूद लोग इनके झांसे में आकर एटीएम कार्ड का पिन नंबर देकर ठगी के शिकार हो रहे हैं. जिले में पिछले छह माह में 160 से ज्यादा ऑनलाइन ठगी के मामले आ चुके हैं. ऑनलाइन ठगी के शिकार हुए ग्राहकों में एक भी केस का खुलासा नहीं हो पाया है.
लगन के मौसम शुरू होते ही ऑनलाइन ठगी की घटनाएं बढ़ गयी हैं.
क्या है साइबर क्राइम : इंटरनेट के जरिये किये जानेवाले अपराध को साइबर क्राइम कहा जाता है. फेसबुक पर अश्लील तसवीर, मैसेज, वीडियो अपलोड करना इसी श्रेणी में आता है. इसके अलावा बैंक की जानकारी से लेकर पैसा निकालना, क्रेडिट कार्ड हैक कर खरीदारी करना, कंप्यूटर हैक करना साइबर क्राइम है. सोशल साइट्स पर चैटिंग करनेवाले की पहचान संभव नहीं है. तकनीक से यह तो पता लगाया जा सकता है कि किस कंप्यूटर या किस नंबर के मोबाइल से ऑनलाइन ठगी की गयी है, लेकिन कौन उपयोग कर रहा था, यह खुलासा करने की तकनीक ही नहीं है.
फर्जी नाम से किसी का जारी न हो सिम कार्ड : साइबर एक्सपर्ट पुलिस अधिकारी धर्मेंद्र कुमार का कहना है कि सिम कार्ड जारी करने के लिए और सख्त सिस्टम विकसित करने की जरूरत है. ऐसी स्क्रीनिंग होनी चाहिए कि किसी भी सूरत में कोई फर्जी आइडी देकर सिम कार्ड जारी न करवा सके. आधार कार्ड से जारी सिम में फर्जीवाड़ा होने की उम्मीद कम है.
इस तरह से सुरक्षित रखें बैंक खाता
अपने सभी कार्डों के लिए सुरक्षित पिन नंबर रखें.
बिल देते समय संदिग्ध दिखाई दे, तो तुरंत क्रेडिट कार्ड देनेवाली कंपनी से संपर्क करें, जिससे बैंक भुगतान को रोक सके.
समय-समय पर सुनिश्चित करते रहें कि आपका मेल बॉक्स सुरक्षित है या नहीं.
बिल, रेलवे टिकट, फ्लाइट टिकट, एटीएम से निकली बची रकम की परची न फेंके.
कॉल करनेवाले अजनबी या जाननेवाले को अपना कार्ड नंबर कभी न दें.
कॉल करनेवाला खुद को बैंक अधिकारी बताये तो भी नहीं बताये, बैंक केवल एक बार ही ग्राहक से जानकारी लेता है.
बैंक-पुलिस नहीं की कार्रवाई : बबीता
कुचायकोट के भठवा परशुराम गांव की रहनेवाली बबीता देवी बैंक ऑफ इंडिया की ग्राहक हैं. इनके खाते से ऑनलाइन 67 हजार रुपये की खरीदारी कर ली गयी. 25 जनवरी को खाता से पैसा गायब होने की जानकारी मिली. पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं की और न ही बैंक ने पैसा रिकवरी के लिए कोई एक्शन लिया.
मॉल में कर ली ऑनलाइन खरीदारी
विशंभरपुर थाना क्षेत्र के तिवारी मटिहनिया गांव के चंदन कुमार तिवारी के खाते से 30 हजार रुपये की ऑनलाइन खरीदारी कर ली गयी. यूपी के मॉल में साइबर अपराधियों ने ऑनलाइन खरीदारी की. पुलिस अगर केस दर्ज कर जांच करती तो साइबर अपराधियों को पकड़ा जा सकता था.
बैंक भी ध्यान नहीं दे रहा है.
क्या कहते हैं एलडीएम
साइबर अपराध से जुड़े मामले की तहकीकात चल रही है. साइबर अपराधियों का नेटवर्क बड़ा है. बैंक किसी भी ग्राहक से गोपनीय जानकारी नहीं पूछता है. आम लोगों को भी साइबर क्राइम से बचने के लिए जागरूक होना पड़ेगा.
अनिल कुमार, एलडीएम
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