बरात से लौट रहे छात्र की सड़क हादसे में गयी जान

Published at :03 Mar 2017 5:03 AM (IST)
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बरात से लौट रहे छात्र की सड़क हादसे में गयी जान

घायल की स्थिति गंभीर, डॉक्टरों ने किया गोरखपुर रेफर कुचायकोट : बरात से लौट रहे छात्र की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गयी, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया. उसकी स्थिति गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने गोरखपुर रेफर कर दिया. इधर छात्र के शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए परिजनों को […]

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घायल की स्थिति गंभीर, डॉक्टरों ने किया गोरखपुर रेफर

कुचायकोट : बरात से लौट रहे छात्र की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गयी, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया. उसकी स्थिति गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने गोरखपुर रेफर कर दिया. इधर छात्र के शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए परिजनों को घंटों सदर अस्पताल में जद्दोजहद करना पड़ा. सिविल सर्जन के डॉ मधेश्वर प्रसाद शर्मा की पहल पर पोस्टमार्टम हुआ. ग्रामीणों ने बताया कि कुचायकोट थाना क्षेत्र गांव के भोपतिपुर गांव के अंशु कुमार चौबे (17 वर्ष) अपने पड़ोसी अनिल चौके के पुत्र टिंकु कुमार
चौबे के साथ गांव से अरविंद चौबे के घर से गयी बरात में भठवा गये थे. बुधवार की रात 10.30 बजे बरात से लौटने के दौरान भामीटोला गांव के समीप इनकी बाइक को अज्ञात वाहन ने कुचल दिया, जिससे अंशु कुमार चौबे की मौके पर ही मौत हो गयी एवं टिंकु गंभीर रूप से घायल हो गया. आसपास के लोगों ने घायलों को सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के अभाव में घंटों घायल तड़पता रहा.
उसके परिजनों के अस्पताल नहीं पहुंचने के कारण दवा और सूई तक लानेवाला कोई नहीं था. डॉक्टरों ने स्थिति को देखते हुए रेफर कर दिया. पुलिस इस मामले की जांच में जुटी हुई है.
गोपालगंज : थोड़ी देर के लिए यह वाकया आपको भी शर्मसार कर देगा. मानवता और संवेदना को झकझोरनेवाली खबर है. भले ही आप पर दुखों का पहाड़ टूटा हो. आपका सुननेवाला कोई नहीं है. आपके दुख-दर्द से यहां कोई मतलब नहीं है. सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए आपको मुंह मांगी रकम अदा करनी होगी. नहीं तो पोस्टमार्टम नहीं होगा. गुरुवार को जो वाकया हुआ, वह पीड़ितों के साथ प्रतिदिन होता है. हुआ यह कि कुचायकोट थाना क्षेत्र के भोपतिपुर गांव के मैट्रिक के छात्र अंशु कुमार चौबे की बुधवार की रात सड़क हादसे में मौत हो गयी. गुरुवार की सुबह आठ बजे से परिजन पोस्टमार्टम के लिए परेशान थे. पहले चौकीदार नहीं था. कुचायकोट के थानेदार से आग्रह कर चौकीदार को बुलाया गया. 10.30 बजे जब चौकीदार पहुंचा, तो पोस्टमार्टम शुरू हुआ. बीच में ही कर्मियों ने परिजनों से 17 सौ रुपये की मांग कर दी. परिजनों के पास दो सौ रुपये थे. वे देकर इतने में काम कर देने की मिन्नत कर रहे थे. उनकी बात नहीं सुनी गयी. बाद में मामला सिविल सर्जन डॉ मधेश्वर प्रसाद शर्मा तक पहुंचा. सीएस की फटकार के बाद किसी तरह पोस्टमार्टम हुआ.सड़क हादसे में जिस छात्र की मौत हुई उसके परिजनों को सदर अस्पताल से शव को घर ले जाने के लिए भी मशक्कत करनी पड़ी. अस्पताल में शव ले जाने के लिए वाहन है, लेकिन वह बेकार खड़ा है. शव को ले जाने के लिए एंबुलेंस वाले भी मनमानी राशि वसूलते हैं. अंशु के शव को भोपतपुर ले जाने के लिए पीड़ितों को 1500 रुपये की राशि चुकानी पड़ी. पोस्टमार्टम के लिए नियमानुसार सदर अस्पताल से आवश्यक सामग्री दी जाती है, गलब्स से लेकर ब्लेड, सूई, धागा आदि.
क्या कहते हैं सीएस
पैसे के लिए पोस्टमार्टम रोके जाने की सूचना जैसे मिली कि तत्काल अस्पताल प्रबंधक को भेज कर पोस्टमार्टम कराया गया. पैसा मांगने की लिखित शिकायत नहीं मिली है. अगर शिकायत लिखित मिलती है, तो इस मामले में कार्रवाई की जायेगी.
डॉ मधेश्वर प्रसाद शर्मा, सीएस, गोपालगंज
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