शहर में बिना नक्शा पास कराये हो रहा भवन िनर्माण
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :14 Feb 2017 6:22 AM (IST)
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लापरवाही. 89 आवेदन पास, मकान बने 150 से अधिक गोपालगंज : न सुरक्षा मानकों का पालन, न खतरे का भय. शहरी क्षेत्रों में नियम-कानून को दरकिनार कर बड़े-बड़े मकान बनाये जा रहे हैं. मकान निर्माण में बड़े खतरों को भी दावत दी जा रही है. नगर पर्षद क्षेत्र में मकान बनवाने से पहले नक्शा पास […]
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लापरवाही. 89 आवेदन पास, मकान बने 150 से अधिक
गोपालगंज : न सुरक्षा मानकों का पालन, न खतरे का भय. शहरी क्षेत्रों में नियम-कानून को दरकिनार कर बड़े-बड़े मकान बनाये जा रहे हैं. मकान निर्माण में बड़े खतरों को भी दावत दी जा रही है. नगर पर्षद क्षेत्र में मकान बनवाने से पहले नक्शा पास होना जरूरी है. लेकिन, अधिकतर मकान बिना नक्शा के और सुरक्षा मानकों को दरकिनार कर बन रहे हैं. ऐसे में न सिर्फ आये दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, बल्कि कई परेशानियां भी हो रही हैं. पानी निकासी की समस्या के साथ नाली-गली बनाने में भी कई समस्याएं आ रही हैं. नतीजतन जलजमाव और गंदगी का फैलना आम बात हो गयी है. इतना ही नहीं आग लगने की स्थिति में शहर के कई इलाकों में फायर ब्रिगेड का जाना भी असंभव हो गया है. भूकंप और अन्य दुर्घटनाओं में राहत पाना भी कठिन होगा. शहर में प्रतिवर्ष 150-200 मकान बनते हैं. लेकिन, 20 फीसदी भी मानक का पालन नहीं करते. भूकंपरोधी मकान तो शायद ढूंढ़ने से शहर में नहीं है.
क्या है मकान बनाने का नियम : 12 फुट से कम सड़क के किनारे सात मीटर से अधिक ऊंचा मकान नहीं बन सकता. यदि सड़क 16 फुट चौड़ी है, तो मकान 10 मीटर की ऊंचाई तक बनाया जा सकता है. आवासीय मकान के लिए आगे कम-से-कम पांच फुट और पीछे कम-से-कम तीन फुट जगह छोड़ना जरूरी है. कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स के लिए फ्रंट पर 15 फुट और पीछे दो मीटर से अधिक जगह छोड़ना जरूरी है. बहुमंजिला भवन के लिए मकान को भूकंपरोधी होना अनिवार्य है. लेकिन, शहर में इस नियम का कहीं भी पालन नहीं होता है.
एक नजर में मकान और शहर, कुल वार्ड : 28
कुल होल्डिंग 10 हजार लगभग
प्रतिवर्ष नये मकान बनने की सं औसतन 150
इस वर्ष पास आवेदन 89
ऑनलाइन आवेदन 000
क्या कहता है आर्टिटेक
नये नियम के अनुसार मकान का निर्माण कराना अनिवार्य है. इससे खतरे की आशंका कम रहती है. सभी के लिए लाभप्रद है. नयी नियमावली को पूर्ण रूप से लागू करने के लिए जमीन रजिस्ट्री पर ध्यान देना होगा.
समिलेंद्र कुमार, आर्टिटेक नप गोपालगंज
क्या कहता है नप
शहर में कमान बनाने के लिए नक्शा पास होना जरूरी है. इसके लिए आर्टिटेक को अधिकृत किया गया है. गैरकानूनी ढंग से मकान बनानेवाले नप के लाभ से वंचित होंगे तथा कानून के दायरे में होंगे.
राजकिशोर लाल, कार्यपालक पदाधिकारी
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