पायलट चैनल से मुड़ेगी नदी की धारा

Published at :07 Feb 2017 3:48 AM (IST)
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पायलट चैनल से मुड़ेगी नदी की धारा

राहत . कालामटिहनिया में 15.30 करोड़ रुपये की राशि से शुरू िकया जायेगा बचाव कार्य गंडक नदी काे कटाव झेल रहे कालामटिहनिया के लिए राहत की खबर है. यहां जल संसाधन विभाग ने एंटीरोजन रिवेटमेंट वर्क के लिए 15.30 करोड़ का आवंटन किया है. गोपालगंज : गंडक नदी की धारा मोड़ने के लिए कुचायकोट प्रखंड […]

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राहत . कालामटिहनिया में 15.30 करोड़ रुपये की राशि से शुरू िकया जायेगा बचाव कार्य

गंडक नदी काे कटाव झेल रहे कालामटिहनिया के लिए राहत की खबर है. यहां जल संसाधन विभाग ने एंटीरोजन रिवेटमेंट वर्क के लिए 15.30 करोड़ का आवंटन किया है.
गोपालगंज : गंडक नदी की धारा मोड़ने के लिए कुचायकोट प्रखंड के कालामटिहनिया के पास दो किमी लंबा पायलट चैनल का निर्माण किया जायेगा. इसके लिए बाढ़ नियंत्रण विभाग ने टेंडर जारी कर दिया है. 15.30 करोड़ की लागत से यहां बचाव कार्य किया जायेगा. बचाव कार्य के लिए जियो बैग का नयी तकनीक से उपयोग कर दो किमी लंबा रिवेटमेंट का कार्य किया जायेगा, ताकि नदी कटाव न कर सके. इसके साथ ही दो किमी लंबा पायलट चैनल बना कर नदी की धारा को मोड़ने का काम शुरू हो जायेगा. आगामी 15 मई तक बचाव कार्य पूरा करा लेने का लक्ष्य रखा गया है. गंडक नदी केा वेग को अब तक रोक पाना मुश्किल रहा है. एक्सपर्ट ने स्थिति का आकलन करने के बाद विभाग को बचाव कार्यों के लिए अनुशंसा की थी. इसके बाद विभाग ने बचाव कार्य कराने का फैसला किया है.
दो दर्जन गांव होंगे सुरक्षित : बचाव कार्य से भसही, कालामटिहनिया, टाड़पर, सिपाया टोला, हजामटोली, फुलवरिया, रूपछाप, खेममटिहनिया, कपरधीका, भगवानपुर, कलवरवाटोला, बरइपट्टी, विशंभरपुर, सलेहपुर, नवगांवा समेत एक दर्जन गांव सुरक्षित होंगे. दियारा संघर्ष समिति के संरक्षक सह अध्यक्ष शिवजी कुशवाहा की मानें, तो इस बार विभाग ने समय पर काम करा दिया, तो कटाव से इन गांवों को निजात मिलने की उम्मीद है.
जल समाधि सत्याग्रह का निर्णय : गंडक दियारा संघर्ष समिति ने कटावरोधी कार्य में हो रहे विलंब को देखते हुए 17 फरवरी से जल समाधि सत्याग्रह आंदोलन का निर्णय लिया है. समिति के संयोजक अनिल कुमार मांझी तथा सामाजिक कार्यकर्ता अशगर अली, सचिन स्नेही ने मुख्यमंत्री को पत्र भेज कर कहा है कि गंडक नदी पर बांध के लिए पिछले कई वर्षों से संघर्ष किया जा रहा.
इसके लिए धरना, प्रदर्शन, भिक्षाटन, आमरण अनशन, आत्मदाह जैसे कार्यक्रम किये गये हैं. हजारों परिवार विस्थापित होकर दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं. आज तक विस्थापितों को पुनर्वास नहीं मिला है.
नदी में समा चुके हैं आधा दर्जन गांव
कालामटिहनिया पंचायत का अस्तित्व गंडक नदी के कटाव के कारण दावं पर लगा हुआ है. पंचायत के आधा दर्जन गांव नदी में समा चुके हैं. नदी ने 12 जनवरी तक कटाव किया है. सितंबर में कटाव थम जाता था. इस बार नदी ने तबाही मचा दी है.
कालामटिहनिया के विशंभरपुर, अहिरटोली, हजामटोली, दलित बस्ती समेत आधा दर्जन गांवों का अस्तित्व समाप्त हो गया है. अब नदी का निशाना कालामटिहनिया, फुलवरिया तथा विशंभरपुर बाजार पर है.
बचाव कार्य होगा शुरू
विभाग से टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. कालामटिहनिया में बचाव कार्य तत्काल शुरू कराया जायेगा. निर्धारित अवधि में इसे पूरा कर कटाव से आबादी को पूरी तरह से सुरक्षित किया जायेगा.
शरत कुमार, कार्यपालक अभियंता, बाढ़ नियंत्रण विभाग गोपालगंज
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