खजूरबानी को अधिगृहीत कर चुका है प्रशासन

Published at :28 Jan 2017 11:25 PM (IST)
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खजूरबानी को अधिगृहीत कर चुका है प्रशासन

गोपालगंज : खजूरबानी शराबकांड में एक के बाद एक की मौत चुनौती बन गयी थी. यह कांड तब हुआ जब बिहार में पूर्ण रूप से शराबबंदी कानून प्रभावी हो चुका था. शहर के बीच खजूरबानी में जहरीली शराब बना कर बेचने का गोरखधंधा तीन दशक से चल रहा था. जब लोगों की मौत होने लगी, […]

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गोपालगंज : खजूरबानी शराबकांड में एक के बाद एक की मौत चुनौती बन गयी थी. यह कांड तब हुआ जब बिहार में पूर्ण रूप से शराबबंदी कानून प्रभावी हो चुका था. शहर के बीच खजूरबानी में जहरीली शराब बना कर बेचने का गोरखधंधा तीन दशक से चल रहा था. जब लोगों की मौत होने लगी, तो प्रशासन की नींद खुली. ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू हुई. इस मामले में नगर थाने में दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज हुई. 14 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया.

इसके साथ ही समाहर्ता ने स्वत: संज्ञान लेते हुए अधिग्रहण वाद संख्या 47/16 में सुनवाई शुरू की. इसके तहत कोर्ट ने 25 सितंबर को खजूरबानी के आरोपितों के संपत्ति अधिगृहीत कर ली. तत्काल प्रभाव से उत्पाद विभाग की टीम निगरानी के लिए तैनात कर दी गयी. आज भी खजूरबानी में सन्नाटा पसरा हुआ है. शनिवार को सामूहिक जुर्माने का फैसला आने के बाद कांड के 14 आरोपित जेल में बंद हैं. उनकी संपत्ति अधिगृहीत है. ऐसे स्थिति में 30 दिनों के भीतर जुर्माने की राशि कहां से जमा कर पायेंगे यह सवाल बना हुआ है.

क्या है खजूरबानी शराबकांड
15-16 अगस्त, 2016 को खजूरबानी में शराब पीने से 16-17 अगस्त को 19 लोगों की मौत तथा छह लोग गंभीर रूप से बीमार हुए थे. इस कांड में एक के बाद एक लोगों की मौत होती चली गयी. मृतकों में नोनिया टोली के परमा महतो, मंटू गिरि, मुन्ना साह, भितभेरवा के रहमान मियां, श्याम सिनेमा रोड के हरिकिशोर साह, हरखुआ के दीनानाथ मांझी, सोबराती मियां, रामजी शर्मा, हजियापुर के दुर्गेश साह, ख्वाजेपुर के शशिकांत, मांझा के मझवलिया के उमेश चौहान, पिपरा के राजेश राम, सिधवलिया सुरवनिया के झमेंद्र कुमार, सहबजवा के विनोद सिंह, श्याम सिनेमा रोड के रामू राम, छवही तक्की के भुटेली शर्मा, थावे विदेशी टोला के मनोज शर्मा, अमैठी के अनिल राम शामिल हैं.
इनको भेजा गया था सामूहिक जुर्माने का नोटिस
शराबकांड में समाहर्ता राहुल कुमार के कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए 24 अगस्त, 2016 को 23 लोगों के खिलाफ सामूहिक जुर्माने का नोटिस जारी किया था. इनमें खजूरबानी के रहनेवाले छठु पासी, कन्हैया पासी, लालझरी देवी, नगीना पासी, कैलाशो देवी, लालबाबू पासी, राजेश पासी, सनोज पासी, रीता देवी, ग्रहण पासी, इंदु देवी, संजय पासी, रंजय पासी, मुन्ना पासी, दरगाह के जमाल साह, जितु मियां, इरशाद मियां, हरखुआ की माना देवी, मनोज रावत, सुनील महतो, सुनील यादव, राजेंद्र बस स्टैंड के प्रमोद कुमार मांझी, जलालपुर थाने के जामो बाजार के रूपेश शुक्ला शामिल हैं. इनमें 14 लोगों के खिलाफ जुर्माने का फैसला आया है.
अब भी पुलिस पकड़ से बाहर है मास्टरमाइंड : खजूरबानी शराबकांड का मास्टरमाइंड रूपेश शुक्ला उर्फ पंडित का सुराग पुलिस को नहीं मिला है. पुलिस यूपी, सीवान, छपरा, चंपारण में छापेमारी का दावा कर चुकी है. उसकी संपत्ति को कुर्क किया जा चुका है. पुलिस इसे रिकाॅर्ड में फरार घोषित कर चुकी है. पंडित सीवान जिले के जामो बाजार थाना क्षेत्र के जलालपुर का रहनेवाला है.
क्या कहते हैं उत्पाद अधीक्षक
खजूरबानी की संपत्ति अधिगृहीत है. अब सामूहिक जुर्माने की राशि कैसे वसूल होगी, इसको लेकर विभाग के महा अधिवक्ता से संपर्क स्थापित किया जा रहा है. समाहर्ता के कोर्ट के फैसले के अनुरूप विभाग कार्रवाई की तैयारी में जुट गया है.
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