डीएम ने कैंप में जाना बाढ़पीड़ितों का हाल
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :01 Aug 2016 3:47 AM (IST)
विज्ञापन

कहीं राहत की बाट, तो कहीं गंदगी से तबाही बंजरिया : तटबंध पर सैकड़ों की आबादी ने शरण ले रखी है. दुर्गंध जीना मुहाल है. फिर भी लोग उसी में जीवन जी रहे हैं. खाने के लिए चूड़ा और मीठा की व्यवस्था की गयी है. पीने के लिए पानी की व्यवस्था नहीं हैं. अब तो […]
विज्ञापन
कहीं राहत की बाट, तो कहीं गंदगी से तबाही
बंजरिया : तटबंध पर सैकड़ों की आबादी ने शरण ले रखी है. दुर्गंध जीना मुहाल है. फिर भी लोग उसी में जीवन जी रहे हैं. खाने के लिए चूड़ा और मीठा की व्यवस्था की गयी है. पीने के लिए पानी की व्यवस्था नहीं हैं. अब तो पशु भी भूख से चिल्ला रहे हैं. गंडक की धारा ने बंजरिया के ग्रामीणों के सुख-चैन छीन लिये हैं. प्रशासन की तरफ से राहत के रूप में चूड़ा और मीठा बांट कर अपने कर्तव्य का पालन कर लिया गया. एक ही जगह खाना, बगल में शौचालय जाना और गंदा पानी पी लेना शायद इनकी नियति बन चुकी है.
रमपुरवां में बाढ़पीड़ितों के बीच बंटी राहत सामग्री : रमपुरवां में बाढ़पीड़ितों के बीच प्रशासन द्वारा राहत सामग्री का वितरण किया गया. इसके बावजूद कई ऐसे परिवार हैं जो गंदगी के बीच जी रहे हैं और उनको अब तक राहत नसीब नहीं हुई है. वहीं, डुमरिया स्थिति कैंप में 500 से अधिक लोग शरण लिये हुए हैं. सलेमपुर में 60 परिवारों को राहत दी गयी.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










