केंद्र नहीं दिया तो राज्य अपने खजाने से दे रही है वेतन : श्रवण कुमार

Updated at :14 Jan 2016 6:56 PM
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केंद्र नहीं दिया तो राज्य अपने खजाने से दे रही है वेतन : श्रवण कुमार

केंद्र नहीं दिया तो राज्य अपने खजाने से दे रही है वेतन : श्रवण कुमार केंद्र से मांगा था 40 करोड़ का अनुदानसंवाददाता,पटनाराज्य के जिला ग्रामीण विकास अभिकरण में काम करनेवाले कर्मियों के वेतन संकट को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने पहल कर राशि जारी की है. चालू वित्तीय वर्ष में राज्य ने […]

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केंद्र नहीं दिया तो राज्य अपने खजाने से दे रही है वेतन : श्रवण कुमार केंद्र से मांगा था 40 करोड़ का अनुदानसंवाददाता,पटनाराज्य के जिला ग्रामीण विकास अभिकरण में काम करनेवाले कर्मियों के वेतन संकट को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने पहल कर राशि जारी की है. चालू वित्तीय वर्ष में राज्य ने बकाये भुगतान के लिए केंद्र सरकार से 40 करोड़ के अनुदान उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था. केंद्र से राशि नहीं मिली तो सरकार ने अपने दम पर वेतन संकट को दूर करने का फैसला लिया है. ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि जनवरी के पहले सप्ताह में केंद्र सरकार ने 13 जिलों के लिए दो करोड़ 25 लाख 33 हजार आवंटित किये है. जिनमें से मुजफ्फरपुर, पूर्णिया एवं रोहतास जिलों को प्रथम किस्त के रूप में 66 लाख तथा अन्य 10 जिलों– औरंगावाद, बेगूसराय, गया, जहानाबाद, किशनगंज, लखीसराय, मधुबनी, नालन्दा, वैशाली एवं पश्चिम चम्पारण के लिए 1 करोड़ 59 लाख 33 हजार रूपये आवंटन उपलब्ध कराया गया है. उपलब्ध आवंटन को राज्य सरकार ने सभी संबंधित जिलों को भेज दिया है जिससे कि कर्मचारियों के लंबित वेतन का भुगतान किया जा सके. उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2015–16 में लगभग 45 करोड़ 16 लाख खर्च का आकलन कर केन्द्र सरकार से राशि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था. पूर्व में 32 जिलों को प्रथम किश्त के रूप ग्रामीण विकास अभिकरण सहायक अनुदान मद में मात्र 6 करोड़ 65 लाख रुपये उपलब्ध कराये गये थे. ग्रामीण विकास मंत्रलय, भारत सरकार द्वारा आयोजित विभिन्न बैठकों में बिहार सरकार की ओर से अपेक्षित राशि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया जाता रहा है. उन्होंने बताया कि जिला ग्रामीण विकास अभिकरणों में कर्मियों की काफी कमी है. कई कर्मी संविदा पर नियोजित हैं इनके वेतन एवं जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के कामकाज को सुचारू से चलाने के लिए आर्थिक संकट से उबारने की आवश्यकता है. चालू वित्तीय वर्ष समाप्ति के कगार पर है, फिर भी अब तक नवादा जिले के लिए भारत सरकार द्वारा प्रथम किस्त की राशि तथा अन्य जिलों के लिए द्धितीय किस्त की राशि उपलब्ध नहीं करायी जा सकी है.

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