31.9 C
Ranchi

BREAKING NEWS

Advertisement

पेज तीन का टॉप फ्लायर

पेज तीन का टॉप फ्लायरआंगनबाड़ी केंद्रों पर पांच साल से नहीं है जरूरी दवाहाकिम को नहीं जानकारी, बच्चों के लिए उपलब्ध कराये जाते हैं मेडिसिन किट्स संवाददाता, गोपालगंजबाल विकास सेवा एवं पोषाहार विभाग की स्थिति बड़ा ही लचर है. कुपोषित बच्चों की पाठशाला आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्राथमिक उपचार व नियमित देखभाल के लिए जरूरी मेडिसिन […]

पेज तीन का टॉप फ्लायरआंगनबाड़ी केंद्रों पर पांच साल से नहीं है जरूरी दवाहाकिम को नहीं जानकारी, बच्चों के लिए उपलब्ध कराये जाते हैं मेडिसिन किट्स संवाददाता, गोपालगंजबाल विकास सेवा एवं पोषाहार विभाग की स्थिति बड़ा ही लचर है. कुपोषित बच्चों की पाठशाला आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्राथमिक उपचार व नियमित देखभाल के लिए जरूरी मेडिसिन किट्स पिछले पांच वर्षों से उपलब्ध नहीं हैं. विभाग के वरीय अधिकारियों को भी यह पता नहीं है कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर मेडिकल किट्स दिये जाते हैं. शासन की यह कार्यप्रणाली कुपोषित बच्चों को पोषित करने की सरकारी व्यवस्था की एक बानगी मानी सकती है. मेडिसिन किट्स में पेट के कीड़ों को मारने की दवा, दर्द-बुखार, खुजली की दवा समेत रूई-पट्टी होती है. कीड़े की दवा तो समय-समय पर बच्चों को देना अनिवार्य है. फिर भी वर्ष 2011 से इसकी आपूर्ति नहीं होना बड़ा सवाल है. वर्ष 2010 में मेडिकल किट्स का आवंटन आंगनबाड़ी केंद्रों को दिया गया था. उसके बाद से आज तक बच्चों को मेडिकल किट्स उपलब्ध नहीं कराये गये. क्या कहते हैं सीएस आंगनबाड़ी केंद्रों में मेडिसिन किट्स नहीं होने की जानकारी नहीं है. यह बच्चों के लिए अति जरूरी है. अगर विभाग डिमांड करता है, तो शासन को इसके लिए पत्र लिख कर किट्स मंगाया जायेगा.डॉ वी शर्मा, प्रभारी सीएस, गोपालगंज

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Advertisement

अन्य खबरें

ऐप पर पढें