आरक्षण नर्धिारण से बढ़ी मुखिया जी की परेशानी
आरक्षण निर्धारण से बढ़ी मुखिया जी की परेशानी अपने ही पंचायत सचिव से उठने लगा है भरोसा प्रखंड से जिला स्तर तक भाफ रहे स्थिति सीट बचाने की जुगाड़ में बिछा रहे रिश्तों का जालपंचायत चुनाव गोपालगंज. त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की सरगरमी तेज होने लगी है. लोग सुबह-शाम पंचायत चुनाव की चर्चा कर रहे हैं. […]
आरक्षण निर्धारण से बढ़ी मुखिया जी की परेशानी अपने ही पंचायत सचिव से उठने लगा है भरोसा प्रखंड से जिला स्तर तक भाफ रहे स्थिति सीट बचाने की जुगाड़ में बिछा रहे रिश्तों का जालपंचायत चुनाव गोपालगंज. त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की सरगरमी तेज होने लगी है. लोग सुबह-शाम पंचायत चुनाव की चर्चा कर रहे हैं. इस बार के पंचायत चुनाव में नये सिरे से आरक्षण रोस्टर के निर्धारण को लेकर भी चर्चा तेज हो गयी है. राज्य निर्वाचन आयोग के द्वारा आरक्षण रोस्टर के निर्धारण को लेकर पंचायत सचिवों से प्रपत्र दो में रिपोर्ट मांगी गयी है, ताकि पंचायत वार मुखिया, सरपंच, बीडीसी, वार्ड सदस्य, ग्राम कचहरी सदस्य एवं जिला परिषद सदस्य के पदों का आरक्षण निर्धारित किया जा सके. त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के नये सिरे से आरक्षण रोस्टर के निर्धारण से मुखिया जी से लेकर सरपंच, बीडीसी सदस्य एवं जिला परिषद सदस्य की परेशानी बढ़ गयी है. सभी लोगों ने अपनी-अपनी सीटें आरक्षण से बचाने को लेकर रिश्तों का जाल बिछाना शुरू कर दिया है. प्रखंड मुख्यालय से लेकर जिला मुख्यालय तक पंचायत प्रतिनिधि दौड़ लगा रहे हैं. ऐसे तो पंचायत चुनाव के आरक्षण रोस्टर की रिपोर्ट उनके ही पंचायत सचिव के द्वारा तैयार की जा रही है. पंचायत सचिव के द्वारा कुछ भी स्पष्ट नहीं बताये जाने से मुखिया जी का विश्वास अपने पंचायत सचिव से उठने लगा है. कई पंचायत प्रतिनिधि तो ऐसे भी हैं जो अपनी सीट बचाने के लिए जिला और पंचायती राज विभाग तक सेटिंग करने में जुटे हुए हैं.
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