मुंबई-बड़ौदा का मैच ड्रॉ

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मुंबई-बड़ौदा का मैच ड्रॉ वड़ोदरा. सूर्यकुमार यादव का नाबाद शतक मुंबई और बड़ौदा के बीच रविवार को यहां ड्रॉ छूटे रणजी ट्रॉफी ग्रुप बी क्रिकेट मैच के चौथे आखिरी दिन के खेल का आकर्षण का केंद्र रहा. मुंबई ने इस मैच में पहली पारी के बढ़त के आधार पर तीन अंक हासिल किये. बड़ौदा की […]

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मुंबई-बड़ौदा का मैच ड्रॉ वड़ोदरा. सूर्यकुमार यादव का नाबाद शतक मुंबई और बड़ौदा के बीच रविवार को यहां ड्रॉ छूटे रणजी ट्रॉफी ग्रुप बी क्रिकेट मैच के चौथे आखिरी दिन के खेल का आकर्षण का केंद्र रहा. मुंबई ने इस मैच में पहली पारी के बढ़त के आधार पर तीन अंक हासिल किये. बड़ौदा की टीम ने मुंबई के 447 रनों के जवाब में रविवार को अपनी पहली पारी नौ विकेट पर 349 रनों से आगे बढ़ायी, लेकिन मुर्तजा वोहरा (नाबाद 57) के प्रयास के बावजूद उसकी टीम 397 रनों पर आउट हो गयी. मुंबई ने दूसरी पारी में बल्लेबाजी का अभ्यास किया. सूर्यकुमार ने नाबाद 100 रन बनाये. उनका शतक पूरा होने के बाद मैच ड्रॉ समाप्त घोषित कर दिया गया. सूर्यकुमार के अलावा अखिल हेरवादकर ने 58 रनों की पारी खेली.————-गंभीर ने गांगुली और बंगालियों के बारे में नस्ली टिप्पणी की थी: तिवारीनयी दिल्ली. रणजी ट्रॉफी मैच में शनिवार को गौतम गंभीर के साथ बहस में उलझनेवाले बंगाल के कप्तान मनोज तिवारी ने रविवार को दावा किया कि दिल्ली के कप्तान ने पूर्व भारतीय कप्तान सौरभ गांगुली और बंगालियों के बारे में नस्ली टिप्पणी की थी. तिवारी ने कहा, ‘उन्होंने सौरभ गांगुली और बंगालियों के बारे में नस्ली टिप्पणी की. मैंने सौरभ गांगुली से बात की और वे काफी निराश थे कि इस मामले में उनका नाम घसीटा गया. हम सौरभ गांगुली के खिलाफ कभी कुछ चीज नहीं सहेंगे.’ बंगाल के इस क्रिकेटर ने कहा, ‘गौतम गंभीर सच नहीं बोल रहे. अगर मैंने वह किया है, तो मुझ पर 40 और उन पर 70 प्रतिशत जुर्माना क्यों लगा.’ दिल्ली और बंगाल के बीच फिरोजशाह कोटला मैदान पर रणजी ट्रॉफी मैच के तीसरे दिन शनिवार को गंभीर और तिवारी मैच के दौरान लगभग भिड़ गये थे और मामले को शांत करने के लिए अंपायर के श्रीनाथ को हस्तक्षेप करना पड़ा. मैच रेफरी वाल्मीकि बुच ने दिन का खेल खत्म होने के बाद दोनों खिलाड़ियों को सुनवाई के लिए तलब किया था. बुच ने कहा कि विस्तृत रिपोर्ट बीसीसीआइ को भेज दी गयी है और अब वे सजा पर फैसला करेंगे. तिवारी ने कहा, ‘मुझे छींटाकशी से कोई समस्या नहीं है, लेकिन किसी की मां के बारे में गलत बोलना सही नहीं है.’ यह घटना बंगाल की दूसरी पारी के आठवें ओवर के दौरान हुई जब मनन शर्मा की गेंद पर पार्थसारथी भट्टाचार्य आउट होकर पवेलियन लौटे. तिवारी इसके बाद कैप पहनकर चौथे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतरे. तिवारी ने गार्ड लिया और वह स्ट्राइक लेने के लिए तैयार थे, लेकिन उन्होंने गेंदबाज को रोका और ड्रेसिंग रूम से हेलमेट मंगवाया क्योंकि दूसरे छोर से तेज गेंदबाज गेंदबाजी कर रहा था. दिल्ली के खिलाड़ियों को लगा कि यह जानबूझकर समय बर्बाद करने की रणनीति है. मनन ने इसके बाद तिवारी से बहस की और उन्होंने उसे अपना काम करने को कहा. अचानक पहली स्लिप में खड़े गंभीर आगे आ गये और उन्होंने बंगाल के कप्तान को अपशब्द कहे, जिन्होंने इसका जवाब दिया.

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