सीएम के स्टॉक लिमिट रव्यिू नहीं करने से बढ़ी दाल की कीमत : प्रधान

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सीएम के स्टॉक लिमिट रिव्यू नहीं करने से बढ़ी दाल की कीमत : प्रधान30 सितंबर को ही समाप्त हो गया था प्रावधान संवाददाता,पटनाबिहार भाजपा के चुनाव सह प्रभारी व केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर दाल की कीमत बढ़ाने का सीधा आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि 30 सितंबर को राज्य का […]

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सीएम के स्टॉक लिमिट रिव्यू नहीं करने से बढ़ी दाल की कीमत : प्रधान30 सितंबर को ही समाप्त हो गया था प्रावधान संवाददाता,पटनाबिहार भाजपा के चुनाव सह प्रभारी व केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर दाल की कीमत बढ़ाने का सीधा आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि 30 सितंबर को राज्य का स्टॉक लिमिट के निर्धारण का प्रावधान समाप्त हो गया. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसका रिव्यू व रिन्यू नहीं किया. उन्होंने जानबूझकर राज्य में आवश्यक वस्तु अधिनियम एक्ट 1955 का पालन नहीं कर खाद्य पदार्थों की कीमत को कालाबाजारियों के हवाले कर दिया है. श्री प्रधान ने बताया कि सभी राज्य सरकारें अपने राज्य में आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता व वितरण के लिए स्टॉक लिमिट का निर्धारित करती है. इसके तहत यह निर्धारित किया जाता है कि खुदरा व्यावसायी, थोक व्यावसायी और दुकानदार अपने पास किस वस्तु का कितना भंडारण कर सकते हैं. बिहा में 30 सितंबर को ही राज्य का स्टाक लिमिट का प्रावधान समाप्त हो गया. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंगलवार को अपनी चुनावी सभाओं में भाजपा शासित महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश व हरियाणा का जिक्र कर रहे थे, तो पहले मुख्यमंत्री वहां पर वस्तुओं की कीमत की जानकारी तो ले लें. सच तो यह है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी जवाबदेही से भागना चाहते हैं. मध्यप्रदेश में तीन हजार मिट्रिक टन दाल सीज किया है जबकि आंघ्रप्रदेश सरकार ने छह हजार मीट्रिक टन दास को सीज किया है. बिहार में तो कालाबाजारी की छूट दे दी गयी है.

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