भागलपुर दंगा के दो आरोपित बरी

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भागलपुर दंगा के दो आरोपित बरीएक को जुबेनाइल मान रिहा करने का दिया आदेशविधि संवाददाता, पटनापटना हाइकोर्ट ने भागलपुर दंगे के दो आरोपित सुभाष मंडल और जद्दु मंडल को सबूत के अभाव में बरी कर दिया है. कोर्ट ने दोनों की सजा माफ कर दी है, एक अारोपित अजब लाल मंडल को जुबेनाइल का लाभ […]

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भागलपुर दंगा के दो आरोपित बरीएक को जुबेनाइल मान रिहा करने का दिया आदेशविधि संवाददाता, पटनापटना हाइकोर्ट ने भागलपुर दंगे के दो आरोपित सुभाष मंडल और जद्दु मंडल को सबूत के अभाव में बरी कर दिया है. कोर्ट ने दोनों की सजा माफ कर दी है, एक अारोपित अजब लाल मंडल को जुबेनाइल का लाभ देते हुए उसे रिहा करने का आदेश दिया. न्यायाधीश समरेंद्र प्रताप सिंह और केके मंडल के कोर्ट में राज्य सरकार की अपील पर हुई सुनवाई में गुरुवार को यह फैसला आया है. राज्य सरकार ने निचली अदालत के फैसले के खिलाफ अपील याचिका दायर कर उम्रकैद की सजा पाये अभियुक्तों को फांसी देने की मांग की थी. कोर्ट ने अपने फैसले में सरकार की अपील को ठुकरा दिया है. 1989 के भागलपुर दंगा मामले में जिला अदालत ने 14 लोगों को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनायी थी. भागलपुर के एडीजी -7 के न्यायाधीश शंभुनाथ मिश्रा के कोर्ट ने सात जुलाई, 2007 को जगदीशपुर पुलिस थाने में लोगांई गांव के 116 लोगों की हत्या के मामले में दर्ज दो 164 / 89 और 202/ 89 मामलों में दोषी पाते हुए रामदेव मंडल, अर्जुन मंडल, प्रयाग मंडल , सुकदेव मंडल, अजब लाल मंडल, शिवलाल मंडल, नरेश मंडल, जद्दू मंडल, सरयुग मंडल, जयप्रकाश मंडल, ठाकुर पासवासन, रामचंद्र सिंह, कुलदीप मंडल और सुभाष मंडल को उम्रकैद की सजा सुनायी थी. सजा सुनाये गये दिन से सारे अभियुक्त जेल में बंद हैं. इनमें से दो चौकीदार ठाकुर पासवान और इस केस के जांचकर्ता रहे रामचंद्र सिंह की पहले ही मौत हो चुकी है. निचली अदालत के इस फैसले के खिलाफ राज्य सरकार ने हाइकोर्ट में अपील की थी. सरकार की ओर से नियुक्त किये गये स्पेशल पीपी ने कहा कि यह जघन्यतम में जघन्य केस है, इसलिए सभी अभियुक्तों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए. सरकार की इस अपील का अभियुक्तों की ओर से वरीय अधिवक्ता चंद्रमोहन झा और वकील अंशुल ने बहस की. इनका तर्क था कि यह रेयरेस्ट आॅफ रेयर के दायरे में नहीं आता. कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद कहा कि यह मामला रेयरेस्ट आॅफ रेयर के दायरे में नहीं आता. कोर्ट ने साक्ष्य के अभाव में जद्दू मंडल और सुभाष मंडल की सजा माफ कर दी और रिहा करने का आदेश दिया.

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