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सूख गये तालाब और चंवर, भटक रहे पशु-पक्षी

Updated at : 29 Apr 2019 1:19 AM (IST)
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सूख गये तालाब और चंवर, भटक रहे पशु-पक्षी

बरौली : अप्रैल का आखिरी सप्ताह चल रहा है और पारा 43 डिग्री तक पहुंच चुका है. भीषण गर्मी से जहां लोग त्रस्त है. वहीं पशु-पक्षियों के लिए भी यह जानलेवा साबित हो रहा है. इलाके के सभी ताल-तलैया सूख चुके हैं. ऐसे में पशु-पक्षियों के सामने पेयजल की समस्या उत्पन्न हो गयी है और […]

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बरौली : अप्रैल का आखिरी सप्ताह चल रहा है और पारा 43 डिग्री तक पहुंच चुका है. भीषण गर्मी से जहां लोग त्रस्त है. वहीं पशु-पक्षियों के लिए भी यह जानलेवा साबित हो रहा है. इलाके के सभी ताल-तलैया सूख चुके हैं.

ऐसे में पशु-पक्षियों के सामने पेयजल की समस्या उत्पन्न हो गयी है और वे पानी की एक बूंद के लिए तरस रहे हैं. कई ऐसे पशु-पक्षी हैं, जो मानव की आबादी से दूर रहना पसंद करते हैं. ऐसे में तालाब, पोखर और अन्य प्राकृतिक जलस्रोतों में जमा पानी ही प्यास बुझाने का एकमात्र साधन होता है. इस वर्ष नहरों में पानी आया नहीं और जलग्रहण क्षेत्र तथा तालाब आदि खाली रह गये.
नतीजा यह निकला कि क्षेत्र के किसी भी तालाब या चंवर में एक बूंद पानी नहीं है और दूर-दूर तक ढूंढ़ने पर भी एक बूंद पानी तक नजर नहीं आ रहा है. अब इन पशु-पक्षियों के सामने अपने जीवन बचाने का संकट उत्पन्न हो गया है और वे पानी तथा छांव की तलाश में इधर-उधर मारे-मारे फिर रहे हैं. गर्मी का ये आलम है कि दिन भर सड़कों पर विरानगी छायी दिख रही है.
तालाब हुए खाली, नहीं हो रहा जल संचय
ताल-तलैया और पोखरों से पानी खत्म होने के कारण पशुपालकों की चिंता बढ़ गयी है. प्रखंड के 40 फीसदी पोखरा अतिक्रमण की चपेट में है, वहीं आधा से अधिक तालाबों की गोद सूनी है. विभिन्न ग्राम पंचायतों में लाखों रुपये खर्च कर इन पोखरों और तालाबों की खुदाई की गयी थी, लेकिन ये तालाब भी पानी से खाली हैं. अभी तो अप्रैल है, आगे हालत और भी खराब होगी.
आयुर्वेद में क्या हैं लू से बचने के उपाय
लू लगने पर कच्चे आम का पन्ना पीना काफी फायदेमंद होता है.
कच्चे आम को पकाकर इसमें जीरा, धनिया, चीनी, नमक, काली मिर्च डालकर पन्ना बनाकर पीएं
कच्चे नारियल का पानी, नीबू की शिकंजी प्यास लगने पर बार-बार पिएं
प्रतिदिन खस, ब्राह्मी, चंदन, गुलाब, केवड़ा का शरबत पीने से लू से बचा जा सकता है
काला नमक और जीरा पाउडर छाछ या लस्सी का पर्याप्त सेवन करें
गन्ने के रस में मौजूद मिनरल्स शरीर को ऊर्जा और शक्ति प्रदान करते हैं और लू से बचाते हैं
चने का सत्तू, चीनी या नमक मिलाकर गर्मी में पीने से शीतलता मिलती है
ककड़ी, खरबूजा, तरबूज, संतरा, फालसा, शहतूत, अनार के रस का नियमित सेवन करें
पुदीना, सौंफ, इलायची, धनिया, काला नमक, जीरा आदि अपने खाने में शामिल करें
हल्का व सुपाच्य आहार जैसे चावल का मांड़, पतली खिचड़ी, मसूर की दाल का सूप पीएं
बंगाल की खाड़ी में बन रहा विक्षोभ
बंगाल की खाड़ी में एक विक्षोभ बनकर तैयार हो रहा है. अगर यह पश्चिम की ओर बढ़ा तो मौसम को बदल सकता है. गुरुवार से तीन दिनों के लिए मौसम में बदलाव आयेगा. बादलों के साथ गरज के साथ तेज हवा व बारिश का आसार बनेगा. इस दौरान चढ़ते पारा से कुछ देर के लिए राहत मिल सकती है. मौसम विज्ञानी डॉ पांडेय की मानें तो ज्यादातर उम्मीद है कि विक्षोभ उत्तर बिहार तक आने तक टूट सकता है.
पांच दिनों में बढ़ा 7.2 डिग्री पारा
मौसम विशेषज्ञ डॉ एसएन पांडेय की मानें, तो अब अधिकतम ही नहीं, न्यूनतम तापमान में भी वृद्धि हो रही है. तीन दिनों में ही अधिकतम तापमान में 7.2 डिग्री व न्यूनतम तापमान में 5.2 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हो चुकी है. रविवार को अधिकतम तापमान 42. 8 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम 28.9 डिग्री सेल्सियस रिकाॅर्ड हुआ. जबकि, विगत बुधवार को अधिकतम तापमान 35.6 व न्यूनतम 23.7 डिग्र्री सेल्सियस ही था.
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