दो सौ नियोजित शिक्षकों की नौकरी खतरे में

Published at :24 Oct 2017 2:24 AM (IST)
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दो सौ नियोजित शिक्षकों की नौकरी खतरे में

मामला अपीलीय प्राधिकार से नियोजित किये गये शिक्षकों का गोपालगंज : जिले के विभिन्न प्रखंडों में जिला अपीलीय प्राधिकार के निर्देश पर नियोजित करीब 200 शिक्षकों की नौकरी खतरे में है. अपीलीय प्राधिकार के निर्देश पर नियोजित हुए शिक्षकों की सेवा जरूरी कागजात प्रस्तुत नहीं करने पर समाप्त कर दी जायेगी. साथ ही उन्हें दिये […]

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मामला अपीलीय प्राधिकार से नियोजित किये गये शिक्षकों का

गोपालगंज : जिले के विभिन्न प्रखंडों में जिला अपीलीय प्राधिकार के निर्देश पर नियोजित करीब 200 शिक्षकों की नौकरी खतरे में है. अपीलीय प्राधिकार के निर्देश पर नियोजित हुए शिक्षकों की सेवा जरूरी कागजात प्रस्तुत नहीं करने पर समाप्त कर दी जायेगी. साथ ही उन्हें दिये गये वेतन की राशि की वसूली भी की जायेगी. सोमवार को स्थापना डीपीओ संजय कुमार की अध्यक्षता में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों की बैठक हुई. इसमें डीपीओ ने सभी बीईओ को निर्देश दिया कि बैकुंठपुर, सिधवलिया, मांझा व बरौली सहित अन्य प्रखंडों में अपीलीय प्राधिकार के निर्देश पर शिक्षकों का नियोजन हुआ है.
इसमें कई नियोजन नियमों के विरुद्ध है. इसलिए अपने प्रखंड के सभी शिक्षकों से जिनका नियोजन जिला शिक्षक नियोजन अपीलीय प्राधिकार गोपालगंज के आदेश से हुआ है,
उनका जिला शिक्षक नियोजन अपीलीय प्राधिकारी के आदेश की पठनीय छायाप्रति एक नवंबर तक कार्यालय के प्रधान लिपिक शंकर प्रसाद यादव को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें. अगर कोई शिक्षक जिनका नियोजन जिला शिक्षक नियोजन अपीलीय प्राधिकारी गोपालगंज से हुआ है और उसकी पठनीय छायाप्रति उक्त शिक्षक द्वारा 31 अक्तूबर तक संबंधित बीईओ को उपलब्ध नहीं करायी जाती है, तो यह माना जायेगा कि उनके पक्ष में प्राधिकार ने कोई आदेश पारित नहीं किया है और वे फर्जी रूप से शिक्षक के रूप में नियोजित हैं. ऐसी स्थिति में उनके नियोजन समाप्त करने और यदि उनके द्वारा वेतन के रूप में कोई राशि प्राप्त की गयी होगी तो उसकी वसूली करने की कार्रवाई करना सुनिश्चित करेंगे.
नहीं प्रस्तुत किये जा रहे जरूरी कागजात स्थापना डीपीओ संजय कुमार ने बताया कि जिले के विभिन्न प्रखंडों में करीब 200 नियोजित शिक्षकों की बहाली अपीलीय प्राधिकार के निर्देश पर हुई है. हाईकोर्ट में चल रहे कई मामलों में कुछ ऐसे ही नियोजित शिक्षकों के जरूरी कागजात प्रस्तुत नहीं किये गये हैं. इससे मामलों की सुनवाई बाधित हो रही है. पंचायत नियोजन इकाइयों के सचिवों को निर्देश दिया गया है कि जिला अपीलीय प्राधिकार से संबंधित अपील रद्द करने के लिए राज्य अपीलीय प्राधिकार में दावा प्रस्तुत करें.
साथ ही फर्जी तरीके से नियोजित शिक्षकों की सेवा समाप्त करने की कार्रवाई करें. डीपीओ ने बताया कि हाईकोर्ट का सख्त निर्देश है कि अगर किसी शिक्षक का पद उसके त्यागपत्र देने से रिक्त है, तो उस पद पर उसी पैनल में से बहाली नहीं की जायेगी, जबकि जिले के कुछ शिक्षक ऐसे हैं जिनकी बहाली त्यागपत्र देने से रिक्त हुए पद पर जिला अपीलीय प्राधिकार के निर्देश पर हुई है.
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