गोपालगंज : मनरेगा और पंचायत की योजनाओं की ऑडिट में ली जा रही रिश्वत के दौरान गिरफ्तार ऑडिटरों का केस निगरानी को सौंपने की तैयारी में पुलिस जुट गयी है. पुलिस नगर थाने में दर्ज कांड को मुजफ्फरपुर निगरानी को सौंपेगी. अब इस कांड की जांच निगरानी को करनी है. निगरानी की जांच से कई अधिकारियों और कर्मियों की संलिप्तता उजागर होने की संभावना है.
मनरेगा के पीओ तथा एक जिले के अधिकारी की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है. जानकार सूत्रों की मानें तो सीए के छात्रों से पंचायत की योजनाओं की ऑडिट करायी जा रही थी. उनके द्वारा मनरेगा योजना की जांच के लिए सात हजार तथा पंचायतों की योजनाओं के लिए 10 से 20 हजार रुपये की रिश्वत की राशि तय की गयी थी. यह राशि लेने के बाद ऑडिट की मुहर लगायी जाती थी.

