चालक उड़ा रहे नियमों की धज्जियां
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :05 Aug 2017 4:32 AM (IST)
विज्ञापन

लापरवाही. न ड्राइविंग लाइसेंस, न नियम, जान से हो रहा खिलवाड़, बाइक तक सिमटी वाहन जांच रफ्तार और सवारी बैठाने की होड़ में न जान की परवाह है और न नियम का भय. बिना कायदे -कानून के वाहनों का परिचालन जारी है. गोपालगंज : सवारी गाड़ियों पर सफर जानलेवा बन गया है. कब कौन गाड़ी […]
विज्ञापन
लापरवाही. न ड्राइविंग लाइसेंस, न नियम, जान से हो रहा खिलवाड़, बाइक तक सिमटी वाहन जांच
रफ्तार और सवारी बैठाने की होड़ में न जान की परवाह है और न नियम का भय. बिना कायदे -कानून के वाहनों का परिचालन जारी है.
गोपालगंज : सवारी गाड़ियों पर सफर जानलेवा बन गया है. कब कौन गाड़ी कहां दुर्घटनाग्रस्त हो जायेगी और किसकी जान चली जायेगी, कहना मुश्किल है. बाइक से लेकर बस चालकों में नियम तोड़ने और रफ्तार की होड़ मची है. इसके कारण दुर्घटनाओं में दिनों दिन इजाफा हो रहा है. बिना ड्राइविंग लाइसेंस और नियम के सवारियों के साथ जान से खिलवाड़ हो रहा है.
शायद ही कोई दिन हो, जब जिले में दो चार दुर्घटनाएं न हों. बाइक सवारों की रफ्तार जहां अनियंत्रित है, वहीं टैक्सी, ऑटो, बस सहित सवारी वाहनों के लिए कोई नियम ही नहीं हैं. सवारी गाड़ियों पर कार्य करने वाले चालक , कंडक्टर में 80 फीसदी के पास ड्राइविंग व अन्य लाइसेंस नहीं हैं. वहीं गाड़ियों में ठूंस-ठूंस कर सवारी बैठाना आम बात है. यहां तो पैसेंजर गेट पर लटक कर और छत पर भी सफर करने को मजबूर हैं. प्रशासन और विभाग की जहां तक जांच का सवाल है,
बाइक को छोड़ कर सवारी गाड़ियों की जांच शायद ही कभी होती है. वाहन जांच का अभियान बाइकों तक सिमट कर रह गया है. सवाल यह है कि आखिर सफर के नाम पर जान से खिलवाड़ कब तक होता रहेगा. ऑटो से लेकर टैक्सी चलाते हुए शहर में नौनिहालोंं को आसानी से देखा जा सकता है. इन्हें न तो नियम का ज्ञान है और न लाइसेंस की जरूरत. सड़क पर ही ऑटो थाम ये सीखने के साथ-साथ सवारी भी ढोने लगते हैं. हद तो यह है कि शहर में ही सबसे ज्यादा नौनिहाल चालक बन बैठे हैं.
दुर्घटना एवं गाड़ियां
प्रति माह बाइक दुर्घटना-95
प्रति माह सवारी गाड़ियों से दुर्घटना-56
प्रतिवर्ष सड़क दुर्घटना में मरने वालों की संख्या-124
प्रतिवर्ष सड़क दुर्घटना में घायल होने वालों की संख्या-1600
बिना लाइसेंस के वाहन चलाने वाले-60 फीसदी
क्या कहता है विभाग
अभियान चला कर गाड़ियों की जांच करायी जाती है. इसके लिए निर्देश भी जारी किया जाता है. खास कर नियम तोड़ने वाले सवारी गाड़ियों के चालक और मालिक दोनों पर कार्रवाई की जाती है. इसके लिए अभियान भी चलेगा.
दिव्य प्रकाश, एमवीआइ, गोपालगंज
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




