नदी के कटाव से विस्थापित हुआ मेहदिया
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :17 Jul 2017 6:19 AM (IST)
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विवशता. गांव की चौखट तक पहुंची नदी, आधा दर्जन गांवों का अस्तित्व खतरे में पड़ा नदी के निशाने पर सदर प्रखंड के आधा दर्जन गांव गोपालगंज : गंडक नदी की उग्र धारा तल्ख होती जा रही है. नदी का कटाव सदर प्रखंड के मेहदिया गांव के पास तेज है. पूरा गांव उजड़ने के कगार पर […]
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विवशता. गांव की चौखट तक पहुंची नदी, आधा दर्जन गांवों का अस्तित्व खतरे में पड़ा
नदी के निशाने पर सदर प्रखंड के आधा दर्जन गांव
गोपालगंज : गंडक नदी की उग्र धारा तल्ख होती जा रही है. नदी का कटाव सदर प्रखंड के मेहदिया गांव के पास तेज है. पूरा गांव उजड़ने के कगार पर है. अधिकतर लोग अपने घरों को तोड़ कर विस्थापित हो चुके हैं. जहां-तहां शरण लिये लोगों की नजर प्रशासन पर टिकी हुई है. बेघर हुए परिवार के लोग खुले आसमान के नीचे जीवन बिता रहे हैं.
नदी पूरे गांव के अस्तित्व को समाप्त करने को आतुर है. यहां नदी के कटाव से जगीरीटोला, ख्वाजेपुर समेत आधा दर्जन गांवों पर खतरा मंडरा रहा है. पिछले वर्षों में कटघरवा पंचायत के अस्तित्व को नदी मिटा चुकी है. नदी के रुख से लोगों में दहशत है. मेहदिया में कटाव से बचाव के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. यहां आकाली नहर से सबसे अधिक तबाही है. ठीक उसी तरह कुचायकोट प्रखंड के भसही में भी कटाव जारी है. यहां बाढ़ नियंत्रण विभाग के अभियंता नजर रख रहे हैं.
मुख्यमंत्री के आदेश की अनदेखी : सदर विधायक सुभाष सिंह ने मेहदिया, जगीरीटोल, ख्वाजेपुर समेत आधा दर्जन गांवों के अस्तित्व पर खतरा जताते हुए मुख्यमंत्री से पूरे मामले में अवगत करा कर गांवों को बचाने की अपील की थी. मुख्यमंत्री ने पत्र भेज कर जल संसाधन विभाग को त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया था. सीएम के आदेश की अवहेलना का आरोप लगाते हुए विधायक ने कहा कि बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारियों को पता था कि पतहरा और मशानथाना में बोल्डर पिचिंग से बांध को प्रोटेक्ट करने के बाद नदी स्ट्रीम एरिया में तबाही मचा सकती है. पांच दिन पहले भी कार्यपालक अभियंता के साथ हो रहे कटाव को देखा गया था. लाख कहने के बाद भी कोई बचाव कार्य नहीं हुआ, जिससे गांव के लोग विस्थापित हो रहे हैं.
पूरा इलाका नदी के निशाने पर है.
बराज से 65.8 क्यूसेक पानी छोड़ा
रविवार की शाम चार बजे गंडक नदी में वाल्मीकिनगर बराज से 65.8 क्यूसेक पानी छोड़ा गया. नेपाल में फिलहाल बारिश थमी है. रविवार को बाढ़ नियंत्रण विभाग के अभियंताओं की टीम मेहदिया पहुंची. यहां हो रहे कटाव की स्थिति का आकलन किया गया. कार्यपालक अभियंता आरके शाही की मानें, तो कटाव को देखते हुए यहां बचाव कार्य करने का निर्णय लिया गया है. यहां बचाव कार्य का सामान ले जाने में कठिनाई हो रही है. विभाग का दावा है कि जिले के लगभग सभी तटबंध सुरक्षित हैं. नदी का जल स्तर घट रहा है.
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