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Gaya News : जिले में महिलाओं के लिए शुरू हुई सबडर्मल गर्भनिरोधक इंप्लांट की सुविधा

Updated at : 13 Jul 2025 10:17 PM (IST)
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Gaya News : जिले में महिलाओं के लिए शुरू हुई सबडर्मल गर्भनिरोधक इंप्लांट की सुविधा

मगध मेडिकल के अलावा जेपीएन, प्रभावती व शेरघाटी अनुमंडलीय अस्पताल में मिलेगी सेवा

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गया जी. परिवार नियोजन के क्षेत्र में जिले की महिलाओं के लिए एक नयी और आधुनिक सुविधा की शुरुआत हुई है. अब महिलाओं को सबडर्मल गर्भनिरोधक इंप्लांट की सुविधा मिल सकेगी, जिससे वे तीन साल तक बिना किसी अतिरिक्त प्रयास के गर्भावस्था से पूरी तरह सुरक्षित रह पायेंगी. स्वास्थ्य विभाग और बिहार में परिवार नियोजन के क्षेत्र में कार्यरत संस्था पीएसआइ के संयुक्त प्रयास से यह सेवा जिले के अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में शुरू की गयी है. आने वाले समय में इस सेवा का विस्तार जयप्रकाश नारायण सदर अस्पताल, प्रभावती अस्पताल और शेरघाटी अनुमंडलीय अस्पताल में भी किया जायेगा. लंबे समय तक सुरक्षा चाहने वाली महिलाओं के लिए वरदान यह सुविधा खासतौर पर उन महिलाओं के लिए उपयोगी है, जो लंबे समय तक गर्भनिरोधक सुरक्षा चाहती हैं लेकिन रोजाना गोलियां या अन्य अस्थायी साधनों का इस्तेमाल नहीं करना चाहतीं. सिविल सर्जन डॉ राजाराम प्रसाद ने बताया कि मगध मेडिकल अस्पताल में इस सेवा की शुरुआत कर दी गयी है. यहां की डॉ. रंजना कुमारी को राज्य स्तर पर सबडर्मल गर्भनिरोधक इंप्लांट लगाने का प्रशिक्षण दिया गया है. शनिवार को डॉ. रंजना ने चार महिलाओं को इंप्लांट लगाया. साथ ही वे अन्य स्वास्थ्य संस्थानों के दो चिकित्सकों को भी इस तकनीक का प्रशिक्षण देंगी, ताकि जल्द ही अन्य अस्पतालों में भी इस सेवा का विस्तार हो सके. आसान और सुरक्षित प्रक्रिया डीपीएम नीलेश कुमार ने बताया कि इंप्लांट लगाने की प्रक्रिया बेहद सरल और सुरक्षित है. महिला की ऊपरी बांह की त्वचा के नीचे इसे कुछ ही मिनटों में लगाया जाता है और इसमें कोई दर्द नहीं होता. आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सकीय परामर्श से इसे कभी भी निकाला जा सकता है. यह पूरी तरह वैज्ञानिक पद्धति पर आधारित है और इसे प्रशिक्षित डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी ही लगाते हैं. स्वास्थ्य में सुधार के साथ जनसंख्या नियंत्रण में भी मददगार विशेषज्ञों का मानना है कि इस इंप्लांट से महिलाओं को अनचाही गर्भावस्था रोकने में मदद मिलेगी, साथ ही मां और शिशु के स्वास्थ्य मानकों में भी सुधार आयेगा. दो बच्चों के बीच पर्याप्त अंतर रखने के लिहाज से भी यह सुविधा फायदेमंद साबित होगी. स्वास्थ्य विभाग ने महिलाओं से अपील की है कि इस नयी तकनीक के बारे में जानकारी प्राप्त करें और ज्यादा से ज्यादा संख्या में इसका लाभ उठाएं, ताकि वे सुरक्षित और स्वस्थ जीवन जी सकें.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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PANCHDEV KUMAR

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