युवती से छेड़छाड़ के आरोप में सिपाही गिरफ्तार, पुलिस की जवाबदेही पर उठे सवाल

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वर्दी पर फिर सवाल: आरोपी सिपाही की गिरफ्तारी के बाद पुलिस व्यवस्था पर उठे कई गंभीर सवाल

प्रतीकात्मक तस्वीर

Gaya Ji News : मोहनपुर थाना में तैनात एक सिपाही पर युवती से छेड़छाड़ और जबरदस्ती का आरोप लगा है. इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और जवाबदेही को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं. आम लोगों ने निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है.

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Gaya Ji News : युवती से कथित छेड़छाड़ और जबरदस्ती के आरोप में मोहनपुर थाना में तैनात एक सिपाही की गिरफ्तारी के बाद पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और जवाबदेही को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं. कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाने वाले पुलिसकर्मी पर लगे गंभीर आरोपों ने आम लोगों के बीच चर्चा का विषय बना दिया है. जानकारी के अनुसार बांकेबाजार थाना क्षेत्र के एक गांव की युवती ने सिपाही मुमताज के खिलाफ छेड़छाड़ और जबरदस्ती का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी. आरोपित सिपाही पहले बांकेबाजार थाना में डायल 112 में तैनात था और वर्तमान में मोहनपुर थाना में पदस्थापित था.

प्राथमिकी के आधार पर हुई गिरफ्तारी

बांकेबाजार थाना पुलिस ने दर्ज प्राथमिकी के आधार पर कार्रवाई करते हुए मोहनपुर थाना से सिपाही मुमताज को गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. बांकेबाजार थानाध्यक्ष पवन कुमार ने बताया कि पीड़िता के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज करने के बाद नियमानुसार कार्रवाई करते हुए आरोपित सिपाही को गिरफ्तार किया गया है.

पुलिस विभाग की निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना के बाद पुलिस विभाग की आंतरिक निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी पुलिसकर्मी पर इतने गंभीर आरोप लगते हैं तो यह भी जांच का विषय होना चाहिए कि क्या उसके खिलाफ पहले भी कोई शिकायत दर्ज हुई थी और यदि हुई थी तो उस पर क्या कार्रवाई की गई. लोग यह भी सवाल उठा रहे हैं कि स्थानांतरण के बाद भी संबंधित पुलिसकर्मी के आचरण और कार्यशैली की नियमित निगरानी क्यों नहीं की गई. हालांकि इन सवालों पर पुलिस विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग

स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस पर जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए केवल गिरफ्तारी ही पर्याप्त नहीं है. मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच के साथ यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो विभागीय स्तर पर भी नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए. साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी निगरानी और जवाबदेही की व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आगे की कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया एवं जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी.

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