शिक्षा जगत में फुले के योगदान को हमेशा याद किया जायेगा

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शिक्षा जगत में फुले के योगदान को हमेशा याद किया जायेगा

माली मालाकार कल्याण समिति व माली मालाकार चैरिटेबल सेवा ट्रस्ट के तत्वावधान में सावित्रीबाई फुले की जयंती शुक्रवार को मनायी गयी.

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गया. माली मालाकार कल्याण समिति व माली मालाकार चैरिटेबल सेवा ट्रस्ट के तत्वावधान में सावित्रीबाई फुले की जयंती शुक्रवार को मनायी गयी. कार्यक्रम में अध्यक्ष धर्मेंद्र मालाकार ने कहा कि सावित्रीबाई फुले का जन्म तीन जनवरी 1831 को महाराष्ट्र के सतारा जिले के नायगांव गांव में एक माली किसान परिवार में हुआ था. नौ वर्ष की आयु में उनका विवाह 13 वर्ष के ज्योतिबा फुले से हो गया था. उस समय बालिका शिक्षा को महत्व नहीं दिया जाता था. शिक्षा जगत में इनके योगदान को हर समय याद किया जाता रहेगा. समाज में एकता के बदौलत ही विकास के गति को धार दिया जा सकता है. इस मौके पर उमेश मधुकर, दीपू मालाकार, अधिवक्ता धीरज कुमार, हरेकृष्ण मालाकार, चंद्रशेखर प्रसाद मालाकार, विकास राज मालाकार, सरेंद्र मालाकार, पंकज मालाकार, शिव मालाकार, राजेश मालाकार आदि मौजूद थे.

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Jitendra Mishra

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