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Gaya News : आज की पीढ़ी के लिए विवाह जीवन की प्राथमिकता नहीं

Updated at : 08 Jun 2025 10:54 PM (IST)
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Gaya News : आज की पीढ़ी के लिए विवाह जीवन की प्राथमिकता नहीं

Gaya News : आज के आधुनिक भारतीय समाज में माता-पिता और बच्चों के रिश्तों में तेजी से बदलाव आ रहा है. वर्तमान पीढ़ी शिक्षा, रोजगार, वेतन और संपत्ति अर्जित करने में तो बहुत मेहनत कर रही है.

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गया जी. आज के आधुनिक भारतीय समाज में माता-पिता और बच्चों के रिश्तों में तेजी से बदलाव आ रहा है. वर्तमान पीढ़ी शिक्षा, रोजगार, वेतन और संपत्ति अर्जित करने में तो बहुत मेहनत कर रही है, लेकिन जब बात विवाह और परिवार बसाने की होती है, तो अक्सर वे अपने माता-पिता के फैसलों से असहमति जताते हैं. इससे माता-पिता को लगता है कि बच्चे उनके नियंत्रण से बाहर होते जा रहे हैं. उक्त बातें एस साकेत पीजी कॉलेज, अयोध्या के समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो योगेंद्र प्रसाद त्रिपाठी ने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ बिहार (सीयूएसबी) के समाजशास्त्रीय अध्ययन विभाग द्वारा “वैश्विक युग में बदलते परिवार व विवाह” विषय पर आयोजित व्याख्यान में कहीं. प्रो. त्रिपाठी ने कहा कि आज की पीढ़ी के लिए विवाह जीवन की प्राथमिकता नहीं है. उनके लिए व्यक्तिगत स्वतंत्रता, गोपनीयता और जीवन के वैकल्पिक विकल्प अधिक महत्वपूर्ण हो गये हैं. इस बदलाव से माता-पिता नयी पारिवारिक चुनौतियों से जूझ रहे हैं और अक्सर समझ नहीं पाते कि इन परिस्थितियों को कैसे संभालें. उन्होंने यह भी कहा कि लड़के-लड़कियां आज अधिक गतिशील, आत्मनिर्भर और बदलते सामाजिक आदर्शों से प्रभावित हैं. उन्होंने माता सीता के जीवन संघर्ष की तुलना करते हुए कहा कि जैसे उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में धैर्य और चरित्र की मिसाल पेश की, वैसे ही आज की पीढ़ी को भी संतुलन साधना होगा.

समाजशास्त्र के शोधार्थियों के लिए नया शोध क्षेत्र

प्रो त्रिपाठी ने कहा कि पारिवारिक रिश्तों में आ रहे ये बदलाव समाजशास्त्रीय अनुसंधान के लिए एक समकालीन और प्रासंगिक विषय हैं. उन्होंने शोधार्थियों को सलाह दी कि वे इन जटिल और बदलते सामाजिक मुद्दों को गंभीरता से अध्ययन करें. कार्यक्रम की शुरुआत में समाजशास्त्रीय अध्ययन विभाग के अध्यक्ष प्रो एम विजय कुमार शर्मा ने मुख्य वक्ता का परिचय दिया. इस अवसर पर विभाग के प्राध्यापक प्रो अनिल कुमार सिंह झा, डॉ समापिका महापात्रा, डॉ सनत कुमार शर्मा, डॉ जितेंद्र राम, डॉ हरेश नारायण पांडेय, डॉ प्रिय रंजन, डॉ पारिजात प्रधान, डॉ आदित्य मोहंती और डॉ एपी कबीर सहित कई शोधार्थियों और छात्रों ने उपस्थिति दर्ज करायी. अंत में डॉ हरेश नारायण पांडेय ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया. कार्यक्रम का समन्वयन पीआरओ मोहम्मद मुदस्सिर आलम द्वारा किया गया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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PRANJAL PANDEY

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