मगध विश्वविद्यालय ने एनईपी-2020 के तहत 22 नए स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों को दी मंजूरी, कुल 46 विषयों की पाठ्यचर्या स्वीकृत

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एमयू की एकेडमिक काउंसिल ने 22 और विषयों की पीजी पाठ्यचर्या को दी स्वीकृति

एकेडमिक काउंसिल की बैठक में एमयू के वीसी व अन्य

Gaya Ji News : मगध विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप 22 नए स्नातकोत्तर विषयों की पाठ्यचर्या को मंजूरी दे दी है. इस फैसले के बाद विश्वविद्यालय में NEP-2020 के तहत स्वीकृत विषयों की कुल संख्या बढ़कर 46 हो गई है. यह नई पाठ्यचर्या अंगीभूत और संबद्ध महाविद्यालयों में लागू होगी.

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Gaya Ji Education News : मगध विश्वविद्यालय की विद्वत परिषद (एकेडमिक काउंसिल) की आपात बैठक शुक्रवार को कार्यवाहक कुलपति प्रो. दिलीप कुमार केशरी की अध्यक्षता में दूरस्थ शिक्षा निदेशालय में आयोजित हुई. बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 के अनुरूप द्विवर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के प्रथम वर्ष (सेमेस्टर-1 एवं सेमेस्टर-2) के 22 विषयों की पाठ्यचर्या को सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की गई. इसके साथ ही विश्वविद्यालय में एनईपी-2020 के अनुरूप स्नातकोत्तर पाठ्यचर्या से आच्छादित विषयों की कुल संख्या बढ़कर 46 हो गई है.

कुलाधिपति सचिवालय के निर्देश पर समय से पहले पूरी की प्रक्रिया

विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि कुलाधिपति सचिवालय, बिहार लोक भवन, पटना ने 6 जुलाई को जारी पत्र के माध्यम से विषय-विशेषज्ञों द्वारा अनुशंसित 22 विषयों की पाठ्यचर्या को 13 जुलाई तक संबंधित वैधानिक निकायों से अनुमोदित कर कार्रवाई प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था. मगध विश्वविद्यालय ने निर्धारित समय-सीमा से पहले ही पूरी प्रक्रिया पूरी कर ली है. अब कार्रवाई प्रतिवेदन शीघ्र ही कुलाधिपति सचिवालय को भेजा जाएगा.

इन 22 विषयों की पाठ्यचर्या को मिली स्वीकृति

बैठक में जिन 22 विषयों की स्नातकोत्तर पाठ्यचर्या को मंजूरी दी गई, उनमें भूगोल, कार्मिक प्रबंधन एवं औद्योगिक संबंध (पीएमआईआर), जैव रसायन, बौद्ध अध्ययन, प्राचीन इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व, वनस्पति विज्ञान, सांख्यिकी, आंबेडकर विचार, अंगिका, उर्दू, राजनीति विज्ञान, बांग्ला, गृह विज्ञान, संस्कृत, अरबी, इलेक्ट्रॉनिक साइंस, पालि, शिक्षाशास्त्र, गांधी विचार, प्राकृत, ग्रामीण अर्थशास्त्र तथा ग्रामीण अध्ययन शामिल हैं.

पिछली बैठक के निर्णयों की भी हुई पुष्टि

बैठक में 2 जुलाई को आयोजित विद्वत परिषद की बैठक की कार्यवाही की भी पुष्टि की गई. उस बैठक में हिंदी, अंग्रेजी, इतिहास, मनोविज्ञान, दर्शनशास्त्र, समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र, वाणिज्य, गणित, भौतिकी, रसायनशास्त्र, प्राणिशास्त्र, भूविज्ञान, जैव प्रौद्योगिकी, लोक प्रशासन, पत्रकारिता एवं जनसंचार, फारसी, इस्लामिक अध्ययन, मैथिली, भोजपुरी, मगही, संगीत, नाट्यकला और मानवशास्त्र सहित 24 विषयों की स्नातकोत्तर पाठ्यचर्या को मंजूरी दी गई थी. इसके अलावा बिहार के विश्वविद्यालयों के लिए समरूप पीएचडी अध्यादेश एवं विनियम-2026 तथा एनईपी-2020 के अनुरूप द्विवर्षीय (चार सेमेस्टर) और एक वर्षीय (दो सेमेस्टर) स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के अध्यादेश एवं विनियम के प्रारूप को भी स्वीकृति दी गई थी.

अंगीभूत और संबद्ध महाविद्यालयों में लागू होगी नई पाठ्यचर्या

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार इन निर्णयों के बाद मगध विश्वविद्यालय तथा इसके अंगीभूत एवं संबद्ध महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर स्तर की पढ़ाई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप अद्यतन और एकरूप पाठ्यचर्या के आधार पर संचालित की जाएगी. इससे विद्यार्थियों को आधुनिक और मानकीकृत पाठ्यक्रम का लाभ मिलेगा.

कई वरिष्ठ शिक्षाविद रहे उपस्थित

बैठक में कुलसचिव डॉ. बी.के. मंगलम (सदस्य सचिव), सीसीडीसी प्रो. संजय कुमार तिवारी, विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रो. एस.एन.पी. यादव, डीएसडब्ल्यू प्रो. पी.के. चौधरी, गया कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सतीश सिंह चंद्रा, दाउदनगर कॉलेज के प्राचार्य प्रो. शमसुल इस्लाम सहित विभिन्न संकायों के डीन, स्नातकोत्तर विभागाध्यक्ष, महाविद्यालयों के प्राचार्य और विद्वत परिषद के अन्य सदस्य उपस्थित रहे.

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Kalendra Pratap Singh

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