Gaya News : पितरों को शिव व विष्णु लोक की प्राप्ति के लिए पिंडदान
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 24 Sep 2024 9:57 PM
Gaya News : 17 दिवसीय पितृपक्ष मेले के आठवें दिन हजारों तीर्थयात्रियों ने मंगलवार को पितरों को शिव व विष्णु लोक की प्राप्ति की कामना को लेकर पिंडदान किया.
गया. 17 दिवसीय पितृपक्ष मेले के आठवें दिन हजारों तीर्थयात्रियों ने मंगलवार को पितरों को शिव व विष्णु लोक की प्राप्ति की कामना को लेकर सूर्यपद, चंद्रपद, गणेशपद, संध्याग्निपद, आवसंध्याग्निपद व दधीचि पद पर पिंडदान व श्राद्धकर्म अपने कुल पंडा के निर्देशन में पूरा किया. श्रीविष्णुपद प्रबंधकारिणी समिति के सदस्य मणिलाल बारिक बताया कि 17 दिवसीय पितृपक्ष मेले के त्रिपाक्षिक श्राद्ध विधान के तहत देश के विभिन्न राज्यों से आये श्रद्धालुओं ने विष्णुपद मंदिर प्रांगण के 16 वेदी स्थल स्थित सूर्य पद, चंद्र पद, गणेश पद, संध्याग्नि पद, आवसंध्याग्नि पद व दधीचि पद वेदी स्थलों पर पिंडदान व श्राद्धकर्म का कर्मकांड अपने कुल पंडा के निर्देशन में संपन्न किया. वहीं दूसरी तरफ एक दिन, तीन दिन, पांच दिन व सात दिन के लिए पिंडदान, श्राद्धकर्म व तर्पण का कर्मकांड करने देश के विभिन्न राज्यों से आये एक लाख से भी अधिक तीर्थयात्रियों ने 16 वेदी के साथ-साथ देवघाट, गदाधर घाट विष्णुपद, हनुमान मंदिर, सीताकुंड, फल्गु तीर्थ, अक्षयवट, रामशिला, प्रेतशिला राम कुंड, ब्रह्मसत सरोवर सहित कई अन्य वेदी स्थलों पर अपने कुल पंडा के निर्देशन में पिंडदान, श्राद्धकर्म, तर्पण का कर्मकांड संपन्न किया. इन वेदी स्थलों पर तीर्थयात्रियों की भीड़ अधिक रहने से काफी श्रद्धालुओं ने विष्णुपद मेला क्षेत्र के पास स्थित आवासान स्थलों व धर्मशालाओं में भी पिंडदान व श्राद्धकर्म का कर्मकांड करते हुए अपने पितरों को पिंड अर्पण व जल तर्पण किया. पंडाजी श्री बारिक ने बताया कि आश्विन कृष्ण पक्ष सप्तमी तिथि को 16 वेदी के सूर्य पद, चंद्र पद, गणेश पद, संध्याग्नि पद, आवसंध्याग्नि पद व दधीचि पद वेदी स्थलों पर श्राद्ध विधान के तहत तीर्थयात्रियों ने पिंडदान का कर्मकांड पूरा किया. उन्होंने बताया कि ये सभी वेदियां विष्णु पद मंदिर प्रांगण स्थित 16 वेदी मंडप में स्तंभ के रूप में है. सबसे पहले गणेश पद वेदी पर पिंडदान का विधान है. यहां पिंडदान करने से पितरों को रुद्र लोक की प्राप्ति होती है. आवसंध्याग्नि पद वेदी पर श्राद्ध से पितर ब्रह्म लोक व संध्याग्नि व दधीचि पद पर श्राद्ध से श्राद्धकर्ता को यज्ञ का फल मिलता है. चंद्र पद पर श्राद्ध से पितरों को स्वर्ग लोक की प्राप्ति होती है. इधर, मंगलवार की सुबह में अचानक हुई बारिश के दौरान काफी श्रद्धालुओं ने वैदिक स्थल तक जाने के लिए बरसाती का सहारा लिया.
आज इन वैदिक स्थलों पर है पिंडदान का विधान
श्री बारिक ने बताया कि इस मेले के नौवें दिन बुधवार 25 सितंबर को कण्व पद, मातंग पद, क्रोंच पद, अगस्त्य पद, इंद्र पद, कश्यप पद, गजकर्ण पद पर पिंडदान व अन्न दान का विधान है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










