Gaya: ब्लड बैंक से 86 यूनिट खून बेचने के मामले में होगी एफआईआर दर्ज, जानें अस्पताल प्रशासन ने क्या कहा
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 16 Dec 2024 9:12 PM
Gaya: गया के एएनएमएमसीएच के ब्लड बैंक में 86 यूनिट खून फर्जी डोनर कार्ड पर बेचने की खबर अस्पताल प्रशासन ने स्वीकार ली है. अब इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की जाएगी.
Gaya: अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (ANMMCH) के ब्लड बैंक में 86 यूनिट खून फर्जी डोनर कार्ड पर बेचने की खबर प्रभात खबर में 11 दिसंबर को प्रमुखता से प्रकाशित की गयी थी. इस खबर की सत्यता पर मुहर सोमवार को अस्पताल प्रशासन ने लगा दी है. इस मामले में अधीक्षक डॉ केके सिन्हा के अनुमोदन पर उपाधीक्षक डॉ एनके पासवान ने मेडिकल थाना में प्राथमिकी दर्ज करने को लेकर पत्र भेजा है. उपाधीक्षक ने पत्र में कहा है कि यह मामला उजागर होने के बाद ब्लड बैंक प्रभारी से रिपोर्ट मांगी गयी. प्रभारी ने रिपोर्ट सौंपी है कि विभिन्न पता व मोबाइल नंबर डाल कर 86 डोनर कार्ड फर्जी तौर से बनाकर ब्लड निकाले गए हैं.

जालसाजी का बड़ा मामला
पुलिस को पूरी सूची भी फर्जी डोनर की उपलब्ध करायी गयी है. यह बहुत बड़ा जालसाजी का मामला है. इस मामले में भारतीय न्याय संहिता 2023 की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गयी है. उपाधीक्षक ने बताया कि कि पोर्टल का पासवर्ड आईडी ऑपरेटर के पास रहता था. इसके लिए वे ही प्राधिकृत हैं. अस्पताल में यह चर्चा हो रही है कि प्रभात खबर की सजगता के कारण ही इस मामले में कार्रवाई के लिए अस्पताल प्रशासन आगे आया है. बार-बार इस मामले से संबंधित खबर लगातार ही प्रभात खबर में प्रकाशित की गयी है.
क्या है मामला
अक्टूबर व नवंबर 2024 में 86 फर्जी डोनर कार्ड पर ब्लड बेचने का मामला प्रकाश में आया. इसके बाद अस्पताल अधीक्षक ने ब्लड बैंक प्रभारी से पूरी रिपोर्ट के साथ कई बिंदुओं पर जवाब मांगा. टालमटोल हुए किसी तरह रिपोर्ट प्रभारी ने दी. इससे पहले भी ब्लड बैंक से खून बेचने का मामला उजागर हुआ. उस वक्त प्रभारी व अन्य सभी ने मामले को दबा दिया था. किसी पर कार्रवाई तक नहीं की गयी थी.
शुरू से उठाए जा रहे हैं ये सवाल
- सही डोनर कार्ड पर खून देने में आनाकानी व कई तरह की जांच, फिर फर्जी डोनर कार्ड पर कैसे बिना जांच के ब्लड दे दिया गया?
- डोनर कार्ड ब्लड देने पर तुरंत कैंसिल करना होता है. रात में कोई डाटा ऑपरेटर नहीं होता है, तो कार्ड कैंसिल कैसे किया जाता है?
- रात में ब्लड बैंक में प्राइवेट एजेंसी के टेक्नीशियन ही सिर्फ तैनात रहते हैं, फिर सिर्फ इस ब्लड की हेराफेरी में डाटा ऑपरेटर सिर्फ दोषी कैसे?
- हर दिन ब्लड का हिसाब मिलाया जाता है, तो प्रभारी ने दो माह से इसका मिलान क्यों नहीं किया. दो पोर्टल के बदले एक पोर्टल से कैसे हो गया डोनर कार्ड इश्यू?
- ब्लड डोनेट करते वक्त परिवार व पहचान की जांच की जाती है. आखिर इतनी संख्या में बिना जांच के ब्लड कैसे दे दिया?
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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