Gaya News: लग्न के सीजन में प्रतिदिन 30 करोड़ का गया में हो रहा कारोबार, व्यवसायी खुश
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 30 Nov 2024 7:25 AM
Gaya News: गया जिले में लग्न के सीजन में लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं. व्यवसायियों के मुताबिक प्रतिदिन औसतन 30 करोड़ रुपये का कारोबार हो रहा है.
Gaya News: लग्न का सीजन शुरू होने के साथ गया में सभी तरह के कारोबार में तेजी से चमक बढ़ी है. इसका असर गया के प्रमुख बाजारों में दिख रहा है. दोपहर के बाद तो पैदल चलने में भी मशक्कत करनी पड़ रही है. विभिन्न सेक्टरों के कारोबारियों के चेहरे पर पूरे दिन मुस्कुराहट दिख रही है. व्यवसायियों की माने तो लग्न के सीजन में प्रतिदिन औसतन 30 करोड़ रुपये का कारोबार हो रहा है. लग्न के दौरान राशन, अनाज, किराना सामग्री, कपड़ा, जेवरात, इलेक्ट्रॉनिक व इलेक्ट्रिकल्स उत्पाद, ऑटोमोबाइल्स उत्पाद, बर्तन, शृंगार सामग्री, फुटवियर की काफी मांग बढ़ जाती है. किराना-अनाज के खुदरा कारोबारी और सेंट्रल बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स के पूर्व कोषाध्यक्ष बालकृष्ण भारद्वाज ने बताया कि इन सेक्टर में इन दिनों प्रतिदिन औसतन सात करोड़ रुपये तक कारोबार हो रहा है. ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़े कारोबारी केएल गुप्ता के एमडी नीरज कुमार गुप्ता ने बताया कि शहर में दुपहिया और चार पहिया वाहनों के करीब 11 शोरूम हैं. लग्न के दौरान इन शोरूम से प्रतिदिन औसतन तीन करोड़ रुपये का कारोबार हो रहा है.
सबसे अधिक कपड़ों की खरीद पर जोर दे रहे लोग
कपड़ा के थोक कारोबारी व टेक्सटाइल्स चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष शिव कैलाश डालमिया और बिनोद जसरापुरिया ने बताया कि पूरे जिले में 300 से अधिक कपड़े की दुकानें हैं. लग्न में प्रतिदिन इन दुकानों से औसतन आठ करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार हो जाता है.
बर्तनों की खूब हो रही बिक्री
बर्तन के खुदरा कारोबारी सतीश केशरी ने बताया कि चातुर्मास समाप्ति के बाद लग्न शुरू होने के साथ प्रतिदिन औसतन चार करोड़ रुपये के बर्तन का कारोबार हो रहा है. शहर में छोटी-बड़ी डेढ़ सौ से अधिक बर्तन की दुकानें हैं. लग्न में पहले केवल पीतल कांसा के बर्तन ही बिकते थे, लेकिन अब स्टील के बर्तन भी काफी डिमांड में हैं.
चांदी की तुलना में सोने का ज्यादा हो रहा कारोबार
सोना-चांदी के कारोबारी शकुंतला ज्वेलर्स के प्रोपराइटर नीरज कुमार वर्मा और अलंकार केंद्र के प्रोपराइटर सुमित कुमार सोनी ने बताया कि चांदी की तुलना में लग्न के दिनों में सोने का कारोबार सबसे अधिक होता है. इन कारोबारी द्वारा बताया गया कि सोने-चांदी के भाव प्रतिदिन बदलते रहने से इस बार कारोबार पर काफी प्रतिकूल असर पड़ रहा है. इसके बाद भी शहर में प्रतिदिन औसतन चार करोड़ रुपये तक कारोबार हो जाता है. इन कारोबारियों के अनुसार शहर में छोटी-बड़ी 300 से अधिक दुकानें संचालित हो रही है.
फुटवियर और शृंगार सेक्टर में हर दिन एक-एक करोड़ का बिजनेस
फुटवियर के खुदरा कारोबारी जकी तनवीर और कॉस्मेटिक के थोक कारोबारी महेंद्र गुप्ता ने बताया कि लग्न के दिनों में कॉस्मेटिक के साथ-साथ फुटवियर की भी मांग काफी बढ़ जाती है. इस बार लग्न शुरू होने के साथ इन दोनों सेक्टर में प्रतिदिन एक-एक करोड़ रुपये का कारोबार हो रहा है. इन सामानों की शहर में करीब 400 दुकानें संचालित हो रही हैं. इलेक्ट्रॉनिक और इलेक्ट्रिकल उत्पादन के खुदरा विक्रेता और सेंट्रल बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष विपेंद्र कुमार अग्रवाल ने बताया कि छोटी बड़ी कुल मिलाकर शहर में करीब 40 दुकानें हैं. इन दुकानों से विवाह लग्न के दौरान औसतन प्रतिदिन करीब दो करोड़ रुपय का कारोबार हो रहा है.
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परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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