Good News: कैट-1 लाइट सिस्टम से लैस होगा बिहार का यह एयरपोर्ट, कोहरे और धुंध में भी विमानों की होगी लैंडिंग
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 11 Dec 2024 8:13 PM
Good News: बिहार के गया एयरपोर्ट पर घने कोहरे और धुंध में भी फ्लाइट्स आसानी से रनवे पर लैंड करेगी. यहां कैट वन सिस्टम लगाई जा रही है.
Good News: बिहार के गया एयरपोर्ट को दिल्ली और कोलकाता एयरपोर्ट के तर्ज पर विकसित किया जा रहा है. इसके बाद यहां घने कोहरे, धुंध और कम विजिबिलिटी में भी फ्लाइट्स लैंड करेगी. गया एयरपोर्ट पर भी कैट वन लाइट सिस्टम लगाई जा रही है. मंगलवार को दिल्ली से भारतीय हवाईअड्डा प्राधिकरण की तकनीकी टीम केलिब्रेशन के लिए पहुंची. अधिकारियों के मुताबिक अगले तीन-चार दिन में यह सिस्टम एयरपोर्ट पर चालू हो जाएगा. इसके चालू होने के बाद गया एयरपोर्ट पर कोहरे, धुंध और भारी बारिश जैसी प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों में भी हवाई संचालन को बरकरार रखने में मदद मिलेगी.

कैसे काम करता है यह सिस्टम
किसी भी एयरपोर्ट पर कैट वन लाइट सिस्टम लग जाने से वहां विषम मौसमी परिस्थितियों में आसानी से फ्लाइट्स लैंड हो जाती है. इसकी खासियत है कि ये लैंडिंग के समय पायलट को सटीक रूप से रनवे दर्शाती है. विजिबिलिटी 700 मीटर से भी कम होने पर फ्लाइट को लैंडिंग कराने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं आती है. कैट वन लाइट सिस्टम एक तरह का नेविगेशन प्रणाली है, जो रनवे पर लगे रडार सेंसर्स और विमान के संपर्क से चलता है. इसमें विमान का सीधा कनेक्शन रनवे के रडार सिस्टम से जुड़ा होता है. इस सिस्टम के माध्यम से पायलट को रनवे पर विमान को उतारने, रनवे पर विमान की सही स्थिति में रखने की जानकारी मिलती है.
क्या बोले गया एयरपोर्ट के निदेशक
इस सिस्टम के संबंध में जानकारी देते हुए गया एयरपोर्ट के निदेशक बंगजीत साहा ने कहा कि यहां कोहरा और धुंध रहने पर फ्लाइट लैंडिंग में परेशानी आती थी. इस बारे में भारतीय हवाईअड्डा प्राधिकरण को बताया गया. इसके बाद यहां कैट वन लाइट सिस्टम लगाया गया. इस सिस्टम के लग जाने से एयरपोर्ट पर विजिबिलिटी बढ़ जाएगी. अगले दो दिनों में यह काम पूरा हो जाएगा.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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