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संस्थागत प्रसव का सही आंकड़ा मिले, सही रिपोर्टिंग जरूरी : सीएस

Updated at : 10 Dec 2025 5:35 PM (IST)
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संस्थागत प्रसव का सही आंकड़ा मिले, सही रिपोर्टिंग जरूरी : सीएस

संस्थागत प्रसव का सही आंकड़ा मिले, सही रिपोर्टिंग जरूरी : सीएस

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निजी क्लिनिकों के चिकित्सकों को समय से रिपोर्टिंग का दिया निर्देश निजी नर्सिंग होम के चिकित्सकों को एचआइएमएस का मिला प्रशिक्षण

वरीय संवाददाता, गया जी. जिले में संस्थागत प्रसव का सही आंकड़ा सामने निकल कर आये, इसके लिए हेल्थ मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम पोर्टल को अपडेट करना जरूरी है. सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर हो रहे प्रसव की नियमित रिपोर्टिंग हो रही है. लेकिन, निजी स्वास्थ्य संस्थानों में कराये जा रहे प्रसव की रिपोर्टिंग सही प्रकार से नहीं हो रही है. इससे जिले में संस्थागत प्रसव के आंकड़े पर प्रभाव पड़ रहा है. लक्षित डाटा सामने नहीं आ पाता है. उक्त बातें सिविल सर्जन डॉ राजाराम प्रसाद ने सिविल सर्जन कक्ष में निजी अस्पतालों के संचालकों को एचआइएमएस प्रशिक्षण के संदर्भ में जानकारी देते हुए कहीं. उन्होंने कहा कि निजी अस्पतालों के संचालकों को संस्थागत प्रसव की भलीभांति रिपोर्टिंग के अलावा यह भी सुनिश्चित करने की जरूरत है कि अन्य प्रकार की सेवाएं जैसे गर्भवती की प्रसव पूर्व जांच व शिशु टीकाकरण संबंधी रिपोर्टिंग भी सही प्रकार से हो. जिले में संस्थागत प्रसव आदि की समय से रिपोर्टिंग हो सके तथा संस्थागत प्रसव से जुड़े सही डाटाबेस को तैयार किया जा सके, इसके लिए निजी अस्पताल संचालकों को हेल्थ मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम का प्रशिक्षण दिया गया है.

मंत्रालय की वेबसाइट पर होता है अपडेट

सिविल सर्जन ने कहा कि निजी अस्पतालों के संचालकों की ओर से यदि सही से स्वास्थ्य रिपोर्टों और डेटाबेस स्वास्थ्य विभाग को नहीं भेजा जाता है, तो उन संस्थानों को लाइसेंस रिन्यूवल में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. इसलिए सभी निजी अस्पतालों के संचालक अपने स्तर से सही प्रकार से एचआइएमएस पोर्टल को अपडेट करें. यदि ऐसा नहीं किया जाता है, तो ऐसे में उन निजी अस्पतालों के खिलाफ विभागीय जांच होगी. जिले में संस्थागत प्रसव के आंकड़ों का सही ब्योरा देना आवश्यक है, ताकि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट और एचआइएमएस डैशबोर्ड को नियमित रूप से स्वास्थ्य संकेतकों पर अपडेट डेटा भेजा जा सके और इसे प्रकाशित किया जा सके. संस्थागत प्रसव के हालिया रुझान को समझने के लिए डाटा अपग्रेडेशन जरूरी है. डीपीएम नीलेश कुमार ने बताया कि संस्थागत प्रसव को बढ़ाने के लिए निजी क्लिनिकों के चिकित्सकों के साथ बैठक भी हुई है, जिसमें समय से रिपोर्टिंग करने का निर्देश दिया गया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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