गया जी : प्राकृतिक आपदाओं में जान गंवाने वाले 13 लोगों के आश्रितों को 4-4 लाख रुपये मुआवजा, DM ने दिए निर्देश

आदेश देते वक्त मौजूद डीएम | Prabhat Khabar Network
Gaya Ji News : गया जी जिले में प्राकृतिक आपदाओं का शिकार हुए 13 लोगों के आश्रितों को जिला प्रशासन द्वारा चार-चार लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा. जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर ने इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं.
Gaya Ji News : गया जिले में प्राकृतिक आपदाओं के कारण जान गंवाने वाले 13 मृतकों के आश्रितों को चार-चार लाख रुपये मुआवजा के तौर पर देने का बड़ा फैसला जिला प्रशासन की ओर से लिया गया है. जिला पदाधिकारी (डीएम) शशांक शुभंकर ने इसके लिए आधिकारिक निर्देश जारी कर दिया है. प्राकृतिक आपदाओं में मृतक के आश्रितों को यह वित्तीय सहायता राज्य सरकार के आपदा राहत प्रावधानों के तहत प्रदान की जाती है.
इस मुआवजा राशि के लिए चयनित आश्रितों के परिजनों की दुखद मौत नदी में डूबने, वज्रपात (बिजली गिरने), अग्निकांड, सर्पदंश (सांप काटने), सड़क दुर्घटना व आकस्मिक अन्य तरह की विभिन्न आपदाओं से प्रभावित होने के कारण हुई थी.
मुआवजा पाने वाले आश्रितों की सूची
इसमें नदी में डूबने व अन्य आपदाओं से असमय कालकवलित हुए मानपुर के अशोक चौधरी, नगर प्रखंड के राजीव रंजन कुमार, डुमरिया के कुंदन कुमार, गुरारू के दिनेश यादव व रोहित कुमार, डुमरिया के महेंद्र यादव, बाराचट्टी के विमान विश्वकर्मा उर्फ विगन विश्वकर्मा व टुनटुन कुमार उर्फ टुनटुन प्रसाद, टनकुप्पा के प्रिंस राज व मिथिलेश मांझी, टिकारी के राजेश मांझी, मानपुर के मनमा देवी व बेलागंज के संतोष कुमार शामिल हैं.
इन सभी मृतकों के वैध आश्रितों को ही यह निर्धारित सरकारी मुआवजा देने का अंतिम फैसला हुआ है, जिससे प्रभावित परिवारों को इस दुख की घड़ी में जरूरी मदद मिल सके.
ससमय आर्थिक सहायता देने का निर्देश
डीएम ने इस संबंध में मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए कहा कि आपदा की इस अत्यंत कठिन घड़ी में प्रभावित परिवारों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है.
यह विशेष अनुग्रह अनुदान प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत एवं संबल प्रदान करने के मुख्य उद्देश्य से स्वीकृत किया गया है. इसके साथ ही डीएम ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को कड़ा निर्देश दिया है कि स्वीकृत राशि का बैंक भुगतान निर्धारित पारदर्शी प्रक्रिया के अनुसार बिना किसी विलंभ के शीघ्र सुनिश्चित किया जाए.
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