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बोधगया मंदिर अधिनियम बौद्ध समुदाय के अधिकारों के विरुद्ध

Updated at : 04 May 2025 8:09 PM (IST)
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बोधगया मंदिर अधिनियम बौद्ध समुदाय के अधिकारों के विरुद्ध

खांजाहापुर एक निजी होटल में सैकड़ों बुद्धिस्ट पहुंचे. इसमें महाबोधि महाविहार, बोधगया के प्रबंधन को लेकर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की.

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मानपुर. खांजाहापुर एक निजी होटल में सैकड़ों बुद्धिस्ट पहुंचे. इसमें महाबोधि महाविहार, बोधगया के प्रबंधन को लेकर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की. आकाश लामा ने कहा कि बोधगया मंदिर अधिनियम 1949, जो वर्तमान में महाबोधि महाविहार के प्रशासन का संचालन करता है. बौद्ध समुदाय के अधिकारों और भारतीय संविधान में निहित सिद्धांतों के खिलाफ है. इसके लिए मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने जा रहे हैं. हम ऑल इंडिया बुद्धिस्ट फोरम हैं. आकाश लामा ने बताया कि हमें विश्वास है कि मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौपेंगे तो बुद्धिस्ट परिवार को इंसाफ मिलेगा. जानकारी के अनुसार, 1949 का बोधगया मंदिर अधिनियम बिहार सरकार द्वारा पारित अधिनियम है, यह विधायिका का विषय है. हम पूरी आशा व्यक्त करते हैं कि बिहार के विधायक इस अधिनियम के संदर्भ में एक उचित और सौहार्दपूर्ण समाधान निकालेंगे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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ROHIT KUMAR SINGH

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