परिजनों के हंगामा के बाद मगध मेडिकल के इमरजेंसी में सीनियर डॉक्टरों ने काम किया बंद

Published by : JITENDRA MISHRA Updated At : 17 Oct 2025 5:29 PM

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दूसरे दिन ओपीडी रहा बंद व इमरजेंसी में भी भर्ती नहीं किये गये मरीज

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गया जी. अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल में परिजन की उग्रता के विरोध में डॉक्टरों ने काम करना बंद कर दिया है. चार दिनों से सुरक्षा की मांग को लेकर जूनियर डॉक्टरों ने काम बंद रखा है. अस्पताल में शुक्रवार को ओपीडी में मरीज को नहीं देखा गया. इसके अलावा इमरजेंसी में भी पांच मरीज भर्ती हुए. कुछ देर बाद ही दो मरीज को परिजन किसी दूसरे जगह पर लेकर चले गये. जानकारी के अनुसार, गुरुवार की देर रात शहर के क्रेन स्कूल के पास एक बेकाबू ट्रक ने तीन को कुचल दिया. दो को पटना भेजा गया एक को लोग लेकर मगध मेडिकल पहुंचे. उसकी मौत मेडिकल ले जाते वक्त रास्ते में हो गयी. मगध मेडिकल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच कर घायल युवक को मृत घोषित कर दिया. इसके बाद मरीज को लेकर पहुंचे लोग डॉक्टर को अपशब्द बोलने लगे. मामला हाथापाई तक पहुंच गया. डॉक्टरों के टाइट होने पर परिजन शव को लेकर चले गये. वहां, पहुंची पुलिस भी डॉक्टर पर ही गुस्सा करने लगी. इसके बाद डॉक्टरों ने विरोध करते हुए इलाज करना बंद कर दिया. रात में तीन मरीज आये. लेकिन, यहां की स्थिति देख कर कुछ देर में ही दूसरी जगह पर चले गये. शुक्रवार को सुबह में भी सिर्फ पीओडी व एसओडी डॉक्टर ही पहुंचे. पहले से भर्ती मरीज का इलाज किया. नये मरीज यहां आना ही बंद कर दिये.

इमरजेंसी व ओपीडी से लौट गये मरीज

शुक्रवार को इमरजेंसी के साथ ओपीडी में भी मरीज को इलाज नहीं हुआ. गुरुवार रात की घटना की जानकारी मिलते ही ओपीडी में भी मरीज को इलाज की सुविधा नहीं मिली. ओपीडी में हर दिन 1200 से अधिक मरीज पहुंचते हैं. इमरजेंसी में 80-90 मरीज हर दिन भर्ती होते हैं. एक परिजन ने बताया कि कुछ लोगों की गलती के चलते सभी को परेशानी हो रही है. प्राइवेट में इलाज कराना मजबूरी हो रहा है.

क्या कहते हैं अधीक्षक

एसओडी व पीओडी इमरजेंसी में पहले से भर्ती मरीज को देख रहे हैं. अन्य डॉक्टरों से वार्ता की गयी है. लेकिन, वे सभी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के बाद ही काम पर लौटने की बात कह रहे हैं. सारी जानकारी वरीय अधिकारी व विभाग को दे दी गयी है. मरे हुए को जिंदा करने के लिए ही यहां झड़प हुई है. मरीज लेकर पहुंचने के बाद परिजन को भी संयम से ही काम लेना चाहिए. उनके चलते अन्य मरीज को काफी दिक्कत होती है. जल्द ही अस्पताल में स्थिति को सुचारू कर लिया जायेगा.

डॉ केके सिन्हा, अधीक्षक, मगध मेडिकल अस्पताल B

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