सेंट्रल जेल में बंद आरोपित की हुई मौत, परिजनों ने किया सड़क जाम

Updated at : 26 Jun 2024 8:37 PM (IST)
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सेंट्रल जेल में बंद आरोपित की हुई मौत, परिजनों ने किया सड़क जाम

शहर में स्थित रिमांड होम में बाल कैदी की मौत का मामला थमा ही नहीं कि बुधवार की सुबह सेंट्रल जेल में बंद विचाराधीन बंदी मुफस्सिल थाना क्षेत्र के लखनपुर गांव के रहनेवाले 34 वर्षीय रतन सिन्हा की मौत हो गयी.

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गया. शहर में स्थित रिमांड होम में बाल कैदी की मौत का मामला थमा ही नहीं कि बुधवार की सुबह सेंट्रल जेल में बंद विचाराधीन बंदी मुफस्सिल थाना क्षेत्र के लखनपुर गांव के रहनेवाले 34 वर्षीय रतन सिन्हा की मौत हो गयी. वह 43 लाख रुपये के चेक बाउंस व धोखाधड़ी के मामले में जेल में बंद थे. सिविल लाइंस थाने की पुलिस ने 15 मई को कोर्ट में पेश करने के बाद सेंट्रल जेल भेजा था. इधर, उक्त घटना की जानकारी पाते ही डीएम डॉ त्यागराजन व एसएसपी आशीष भारती एक्टिव हुए और डीएम ने इस मामले की जांच को लेकर सदर एसडीओ किसलय श्रीवास्तव के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया. साथ ही मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में रतन सिन्हा के पोस्टमार्टम को लेकर मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया. साथ ही पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी कराने का आदेश दिया. इधर, इस मामले की पूरी जांच करने की जिम्मेदारी एसएसपी ने सिटी डीएसपी धर्मेंद्र भारती को सौंप दिया है. वहीं, इस घटना से संबंधित पूरी रिपोर्ट बना कर सेंट्रल जेल के अधीक्षक विजय अरोड़ा ने नयी दिल्ली स्थित राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, राज्य मानवाधिकार आयोग के सचिव, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी, अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, गृह (कारा) विभाग के महानिरीक्षक व डीएम डॉ त्यागराजन को भेजा है. बुधवार को सेंट्रल जेल में बंद रतन सिन्हा की मौत होने की सूचना मिलते ही काफी संख्या में उनके परिजन व सगे-संबंधित रामपुर थाना व मगध मेडिकल अस्पताल पहुंचे और रतन सिन्हा की मौत को हत्या की साजिश देते हुए अस्पताल में जम कर हंगामा किया. परिजनों ने मगध मेडिकल अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों से रतन सिन्हा से संबंधित इसीजी सहित अन्य दस्तावेजों की मांग की तो, वहां मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों ने उन्हें जवाब दिया कि यह सरकारी केस है. इसमें उन्हें फिलहाल किसी प्रकार को कोई कागजात नहीं दिया जायेगा. इसी बात को लेकर परिजनों क्षुब्ध हो गये और नारेबाजी करते हुए शव को इमरजेंसी वार्ड से खींच कर मगध मेडिकल अस्पताल के मुख्य द्वार पर ले आया और गया-चेरकी रोड को जाम करते हुए नारेबाजी करना शुरू कर दिया. वहां मौजूद परिजनों ने मांग की कि जबतक उन्हें रतन सिन्हा की मौत कैसे हुई, इसके बारे में पूरी जानकारी नहीं दी जायेगी, तब तक रोड जाम लगा रहेगा. हालांकि, मौके पर मौजूद मगध मेडिकल थाना व रामपुर थाने की पुलिस ने उग्र परिजनों को समझाने का प्रयास किया. लेकिन, वे अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे. अस्पताल परिसर में मौके पर मौजूद रतन सिन्हा के भाई गौतम सिन्हा ने बताया कि उनका भाई पूरी तरह से स्वस्थ था. हाल ही में उससे जेल में मुलाकात व बातचीत हुई थी. बुधवार की सुबह सेंट्रल जेल से फोन आया कि उनके भाई रतन सिन्हा की तबीयत बिगड़ गयी है. तब वह अपने परिजनों के साथ मगध मेडिकल अस्पताल पहुंचे. अस्पताल में देखा कि उनका भाई मृत पड़ा हुआ है और जेल प्रशासन का कोई सिपाही या कर्मचारी मौजूद नहीं है. उनके भाई के शव को लावारिस अवस्था में छोड़ दिया गया था. जब स्वास्थ्यकर्मियों से इसीजी रिपोर्ट की मांग की तो कहा गया कि आपको नहीं मिल सकता. उन्होंने कहा कि उनके भाई की मौत हो गयी है और उसकी इसीजी रिपोर्ट क्यों नहीं मिलेगा ? लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में उनके परिचित कुछ लोगों के द्वारा साजिश कर उनके भाई की हत्या करायी गयी है. इस दौरान गौतम सिन्हा ने कई लोगों के नामों का खुलासा करते हुए इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है. इधर, घटना की जानकारी पाते ही सिटी डीएसपी धर्मेंद्र भारती सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी मगध मेडिकल अस्पताल पहुंचे और सड़क जाम कर रहे लोगों को समझा कर शांत कराया. सिटी डीएसपी ने परिजनों की हर बातों को गंभीरता से सुना और उनकी हर समस्या पर निबटारा करने का आश्वासन किया. साथ ही पीड़ित परिजनों के आवेदन पर जांच कर ठोस कार्रवाई करने का आश्वासन दिया, तब परिजनों ने सड़क जाम हटाया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. रतन सिन्हा ने पिता कपिलदेव प्रसाद सिन्हा ने रामपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने को आवेदन दिया है. पीड़ित पिता ने आवेदन में बताया है कि चेक बाउंस मामले में 15 मई से गया जेल में बंद थे. उनके बेटे पर मुकदमा करनेवाले अजय कुमार, सुनील कुमार उर्फ मुंगेरी व नीरज कुमार ने साजिश रच कर सेंट्रल जेल में ही हत्या करा दी. साक्ष्य छुपाने के लिए मगध मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया. रामपुर के अपर थानाध्यक्ष प्रशांत कुमार ने बताया कि बंदी रतन सिन्हा की मौत के मामले में जेल प्रशासन के द्वारा भेजे गये आवेदन पर रामपुर थाने में यूडी केस दर्ज किया गया है. वहीं, बंदी रतन सिन्हा के पिता कपिलदेव प्रसाद सिन्हा के बयान पर रामपुर थाने में हत्या व हत्या की साजिश रचने के मामले को लेकर विभिन्न धाराओं के तहत चार लोगों को नामजद आरोपित बनाते हुए प्राथमिकी दर्ज की गयी है. फिलहाल, शव का पोस्टमार्टम करा कर उनके परिजनों को सौंप दिया गया है. वहीं मामले की छानबीन की जा रही है.

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