लोगों में फिर जगी आस, शेरघाटी को जिला बनाने की हो सकती है घोषणा
Author :Prabhat Khabar Digital Desk
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Updated at :05 Sep 2016 7:46 AM
विज्ञापन

शेरघाटी : शेरघाटी अनुमंडल के लोगों को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आगमन से काफी उम्मीदें हैं. लोगों को नीतीश कुमार का वह वादा भी याद है, जब उन्होंने 2010 के विधानसभा चुनाव में शेरघाटी को जिला बनाने का आश्वासन दिया था. हालांकि, चुनाव में उनके ही पार्टी के डाॅ विनोद प्रसाद यादव जीत गये और […]
विज्ञापन
शेरघाटी : शेरघाटी अनुमंडल के लोगों को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आगमन से काफी उम्मीदें हैं. लोगों को नीतीश कुमार का वह वादा भी याद है, जब उन्होंने 2010 के विधानसभा चुनाव में शेरघाटी को जिला बनाने का आश्वासन दिया था. हालांकि, चुनाव में उनके ही पार्टी के डाॅ विनोद प्रसाद यादव जीत गये और मंत्री भी बना दिये गये. लेकिन, शेरघाटी की चिर-परिचित मांग अधूरी ही रह गयी.
अनुमंडलवासियों का कहना है कि मुख्यमंत्री ने विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान कहा था कि बिहार में कहीं भी जिला बनाया जायेगा, तो उसमें शेरघाटी का पहला नंबर होगा. जिला संघर्ष समिति के लोगों ने शेरघाटी को जिला बनाने के लिए सीएम को ज्ञापन दिया है.
लोगों को आश्वासन भी मिलता रहा है, लेकिन शेरघाटी आज भी अनुमंडल ही है.डोभी के पीपरघट्टी में सीएम द्वारा जैव विविधता पार्क के उद्घाटन की खबर सुनने के बाद एक बार फिर अनुमंडलवासियों की उम्मीदें जगी हैं. शायद इस बार सीएम शेरघाटी को जिला बनाने की घोषणा कर दें.
20 वर्षों से आंदोलनरत है जिला संघर्ष समिति : जिला बनाओ संघर्ष समिति से जुड़े इमरान अली, मोहम्मद जियाउद्दीन, भीषम कुमार, विष्णुपद यादव, विनय प्रसाद व अन्य का कहना है कि अनुमंडल में नौ प्रखंड हैं और करीब डेढ़ दर्जन थाने हैं. अनुमंडल में अब दो–दो डीएसपी हैं.
मोहनपुर से डुमरिया की दूरी 100 किलोमीटर से ज्यादा है. अनुमंडल की आबादी भी करीब 15 लाख है. राजस्व की बात है, तो शेरघाटी का निबंधन कार्यालय, नगर पंचायत व डोभी का चेकपोस्ट करोड़ों रुपये सरकार को राजस्व भी देता है. फिर भी शेरघाटी को जिला का दर्जा नहीं दिया गया है. शेरघाटी से कम क्षेत्रफल वाले अरवल व शेखपुरा को राजद की सरकार के समय में जिला बना दिया गया. उल्लेखनीय है कि 15 जुलाई, 1983 को मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र के समय में शेरघाटी को अनुमंडल बनाया गया था. इसके एक दशक बाद से इसे जिला बनाने की मांग उठने लगी. तब से आज तक जिले की मांग पर आश्वासन ही मिला.
अनुमंडल क्षेत्र में माओवादियों का है दहशत : अगर, जिला बनने के लिए नक्सलग्रस्त क्षेत्र देखा जाये, तो शेरघाटी अनुमंडल उसमें भी आगे है. यहां नक्सलियों के आह्वान पर तीन-तीन दिन बाजार बंद रहता है. सरकारी कार्यालयों में भी ताले लटके रहते हैं. जीटी रोड पर भी नक्सलियों की धमक सुनायी पड़ती है. कभी भी किसी समय नक्सलियों के निशाने पर वाहन होते हैं. नक्सली कार्रवाई में 35 ट्रक तक एक रात में ही फूंक दिये गये हैं. हाल के दिनों में बांकेबाजार के डुमरीनाला मुठभेड़ में कोबरा के 10 जवान शहीद हो गये थे. यहां नक्सलियों की समानांतर सरकार चलती है.
उपेक्षित है बस स्टैंड : नगर पंचायत कार्यालय को करीब 16 लाख टैक्स देनेवाला यात्री बस स्टैंड समस्याओं पर आंसू बहा रहा है. यहां से गया, इमामगंज, डुमरिया, कोठी, एघारा व चक (झारखंड) चतरा, कोलकाता, बोकारो, रांची, धनबाद, पटना, अंबिकापुर, डाल्टेनगंज व वाराणसी सहित दर्जनों शहरों के लिए यात्री बस चलती है.
आधा-अधूरा है टाउन हॉल : शहर का एकमात्र टाउन हॉल पिछले दो दशकों से अधूरा है.टाउन हॉल के निर्माण के लिए कलाकार व स्थानीय लोग स्थानीय जनप्रतिनिधि से लेकर सीएम तक गुहार लगा चुके हैं. लेकिन, शहर को एक अदद टाउन हॉल भी नहीं मिल पाया.
जानकार बताते हैं कि पिछले दो वर्षों में टाउन हॉल निर्माण के लिए 50 लाख रुपये का फंड भी रिलीज हो चुका है. लेकिन, तकनीकी दावं-पेच में निर्माण कार्य लटका है. सीएम के आने से लोगों में उम्मीद जगी है कि वह टाउन हॉल के निर्माण पर ध्यान देंगे.
शहर का मुख्यमार्ग रहता है जाम
शेरघाटी शहर में हमेशा जाम लगा रहता है. गोलाबाजार से नयी बाजार तक जाने में घंटों समय लग जाता है. स्थानीय रामस्वरूप स्वर्णकार, प्रमोद कुमार वर्मा, विजय कुमार दत्ता व शिक्षक दिलीप कुमार आदि का कहना है कि यदि शहर के बाहर नदी के किनारे बाइपास का निर्माण करा दिया जाये, तो शहरवासियों को जाम से मुक्ति मिलेगी.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










