''स्पेशल एसटीइटी की घोषणा स्नातक ट्रेंड के साथ धोखा''
गया: बिहार प्रदेश स्नातक प्रशिक्षित आवेदक शिक्षक संघ की केंद्रीय कमेटी की गांधी मंडप में रविवार को आयोजित बैठक में उपस्थित राज्य के सभी 38 जिले के प्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि एक ओर राज्य सरकार स्नातक प्रशिक्षित अभ्यर्थियों की सीधी नियुक्ति की बात करती है, दूसरी ओर स्पेशल एसटीइटी (स्नातक स्तरीय शिक्षक […]
लेकिन, उस आश्वासन की दिशा में अब तक कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी है. और तो और शिक्षकों की भरती के लिए नियम बनानेवाली स्वायत्तशासी संस्था ‘राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद, भुवनेश्वर’ की अवहेलना कर स्पेशल एसटीइटी के माध्यम से अप्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति करने की कोशिश की जा रही है. भला इस प्रकार राज्य सरकार के गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का संकल्प कैसे पूरा होगा? सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर राज्य में 1977, 1988, 2006 व 2008 में प्रशिक्षित शिक्षकों की भरती की जा चुकी है. सभी कोटि के प्रशिक्षित अभ्यर्थियों की सीधी भरती नहीं की जाती है, तो सामूहिक रूप से आत्मदाह भी किया जायेगा. इसकी पूरी जिम्मेवारी राज्य सरकार की होगी.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










