मुरगीपालन कर हो रहे मालामाल

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मुरगीपालन कर हो रहे मालामाल तेतीरिया के विनय कुमार मौर्य मुरगीपालन से कर रहे अच्छी कमाईफोटो-प्रतिनिधि,बाराचट्टीतेतरिया गांव के विनय कुमार मौर्य आजकल मुरगीपालन कर चर्चा का केंद्र बने हुए हैं. उनके पॉल्ट्री फार्म से निकले अंडे स्थानीय बाजार में खप रही है. दुकानदार अंडा बेचते समय और ग्राहक खरीदते समय एक बार जरूर कहते-सुनते नजर […]

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मुरगीपालन कर हो रहे मालामाल तेतीरिया के विनय कुमार मौर्य मुरगीपालन से कर रहे अच्छी कमाईफोटो-प्रतिनिधि,बाराचट्टीतेतरिया गांव के विनय कुमार मौर्य आजकल मुरगीपालन कर चर्चा का केंद्र बने हुए हैं. उनके पॉल्ट्री फार्म से निकले अंडे स्थानीय बाजार में खप रही है. दुकानदार अंडा बेचते समय और ग्राहक खरीदते समय एक बार जरूर कहते-सुनते नजर आते हैं कि ये अंडे विनय कुमार के फार्म के हैं. दरअसल, मुरगीपालन को बढ़ावा देने के लिए विनय कुमार मौर्य ने पशुपालन विभाग से अप्रूवल लिया. रोही गांव के समीप 12 कट्ठा जमीन खरीद कर पशुपालन विभाग की ओर से निकली कार्ययोजना की तमाम पात्रताओं को पूरा कर फार्म हाउस बनाया.पशुपालन विभाग की ओर निकली कार्ययोजना में आवेदक के पास 10 कट्ठा जमीन, 25 लाख का बैंक बैलेंस व मुरगीपालन के संबंध में कार्य अनुभव की पात्रता थी. इसमें विनय के पास सबकुछ था, सो उन्हें इसका लाभ मिला. हालांकि, वह पिछले 10 वर्षों से मुरगीपालन व चारा व्यवसाय से जुड़े थे, तो उन्हें पहले से ही इसका अनुभव था. विनय के नये काम में मोहनपुर की एसबीआइ बुमुआर शाखा ने भी सहयोग किया. उनकी साख को देखते हुए उनके क्रेडिट अकाउंट को और बढ़ा दिया. शेड में 8000 मुरगियों को रखने की व्यवस्थाविनय ने बताया कि उनके शेड में 8000 मुरगियों को रखने की व्यवस्था है. 8000 चूजों को इलाहाबाद से लाया था. प्रति चूजे की कीमत 33 रुपये थी. चूजों को 20 सप्ताह तक पाला गया. इस पर प्रति चूजे 240 रुपये की लागत आयी. इसके बाद मुरगियों ने अंडा देना शुरू किया. ब्रीम-3000 नामक प्रजाति की मुरगियों की आयु 90 सप्ताह होती है. यानी ये मुरगियां 20 सप्ताह से अंडा देने की शुरुआत के बाद लगातार 70 सप्ताह तक अंडा देंगी. स्थानीय बाजार में है खपतफार्म से निकल रहे अंडों की खपत स्थानीय बाजार में हो रही है. इसे प्रति अंडे चार रुपये की दर से बेचा जा रहा है, जबकि एक मुरगी के रखरखाव पर हर दिन पौने तीन रुपये का खर्च आ रहा है. विनय ने बताया कि 8000 मुरगियों में 98 फीसदी मुरगियां रोज अंडा देती हैं. इन पर 75 फीसदी खर्च होता है, जबकि 25 फीसदी की बचत होती है. विनय ने बताया है कि फार्म के समीप ही तीन लाख रुपये की लागत से फीड प्लांट लगाया गया है. मुरगियों को समय-समय पर कैल्शियम व लीवर टॉनिक की खुराक दी जाती है. पशुपालन विभाग की ओर से शुरू की गयी यह योजना 50 लाख रुपये की है. इसमें 50 फीसदी का अनुदान है.

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