गया : एफसीआइ गोदाम की नये सिरे से हुई मापी, 2014 से बकाया है होल्डिंग टैक्स

Updated at : 06 Mar 2019 8:48 AM (IST)
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गया : एफसीआइ गोदाम की नये सिरे से हुई मापी, 2014 से बकाया है होल्डिंग टैक्स

कैंप लगा कर टैक्स वसूलने की भी योजना गया : कटारी हिल रोड स्थित एफसीआइ गोदाम की मापी नये सिरे से मंगलवार को हुई. नगर निगम क्षेत्र में होल्डिंग टैक्स वसूलने का काम देख रही स्पायरो सॉफ्टेक कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर अंजनी कुमार, नगर निगम के प्रतिनिधि व एफसीआइ के अधिकारियों की मौजूदगी में मापी […]

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कैंप लगा कर टैक्स वसूलने की भी योजना

गया : कटारी हिल रोड स्थित एफसीआइ गोदाम की मापी नये सिरे से मंगलवार को हुई. नगर निगम क्षेत्र में होल्डिंग टैक्स वसूलने का काम देख रही स्पायरो सॉफ्टेक कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर अंजनी कुमार, नगर निगम के प्रतिनिधि व एफसीआइ के अधिकारियों की मौजूदगी में मापी हुई.

गौरतलब है कि एफसीआइ गोदाम समेत कई बड़े सरकारी भवनों पर लाखों रुपये का होल्डिंग टैक्स बकाया है. पूर्व नगर निगम आयुक्त डॉ निलेश देवरे व विजय कुमार के कार्यकाल में 30 से ज्यादा सरकारी भवनों की मापी की गयी थी. इस दौरान यह खुलासा हुआ था कि कई सरकारी भवनों ने 10 से 12 साल से निगम को होल्डिंग टैक्स नहीं दिया है.

पुरानी मापी को लेकर प्रबंधन की थी नाराजगी : वर्ष 2015-16 में नगर निगम ने एफसीआइ गोदाम की नापी करायी थी, ताकि यह पता चल सके कि कितने वर्गफुट के हिसाब से होल्डिंग टैक्स लेना है.

इसके बाद नगर निगम प्रशासन ने एफसीआइ गोदाम को बकाया होल्डिंग को लेकर नोटिस जारी किया. इस नोटिस के बाद एफसीआइ ने अलग-अलग तारीखों में निगम को लाखों रुपये का बकाया होल्डिंग चुकाया. हालांकि एफसीआइ प्रबंधन का कहना था कि मापी सही तरीके से नहीं हुई है. इस कारण से होल्डिंग टैक्स को लेकर मामला लगातार अटक रहा था. एजेंसी के मुन्ना कुमार ने कहा कि वर्ष 2014 से एफसीआइ से बकाया होल्डिंग टैक्स वसूला जायेगा. गौरतलब है कि एफसीआइ गोदाम का होल्डिंग 2007 से कटना शुरू हुआ था.

नये सिरे से हुई मापी के बाद अब तक 55 लाख रुपये होल्डिंग की राशि बकाया है. हालांकि एफसीआइ प्रबंधन द्वारा करीब 20 लाख रुपये नगर निगम में जमा करा दिया गया है.

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