गया : कौशल केंद्रों पर बरती जा रही लापरवाही, कार्रवाई की हो रही तैयारी

Updated at : 03 Dec 2018 6:26 AM (IST)
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गया :  कौशल केंद्रों पर बरती जा रही लापरवाही, कार्रवाई की हो रही तैयारी

गया : जिले के युवाओं को कौशल विकास से जोड़ने के लिए चल रही योजनाओं में लापरवाही बरती जा रही है. कई केंद्रों पर प्रशिक्षक युवाओं को प्रशिक्षण देने की बजाय कोरम पूरा कर रहे हैं. श्रम विभाग ऐसे कौशल केंद्रों के खिलाफ कार्रवाई करने की योजना बना रहा है. श्रम कार्यालय से प्राप्त जानकारी […]

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गया : जिले के युवाओं को कौशल विकास से जोड़ने के लिए चल रही योजनाओं में लापरवाही बरती जा रही है. कई केंद्रों पर प्रशिक्षक युवाओं को प्रशिक्षण देने की बजाय कोरम पूरा कर रहे हैं. श्रम विभाग ऐसे कौशल केंद्रों के खिलाफ कार्रवाई करने की योजना बना रहा है.
श्रम कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार हाल ही में डीएम ने समीक्षा बैठक कर इसमें सुधार लाने का निर्देश दिया था. इसके अलावा समय-समय पर होने वाली बैठकों में कुशल युवा कार्यक्रम में सुधार लाने को लेकर निर्देश दिये जाते रहे हैं, लेकिन मॉनिटरिंग नहीं होने के कारण कौशल केंद्रों के संचालक व प्रशिक्षक लापरवाही बरतने से बाज नहीं आ रहे हैं.
क्या-क्या सीखते हैं विद्यार्थी
स्टूडेंट को कम्यूनिकेशन स्किल, कंप्यूटर की बेसिक जानकारी व सॉफ्ट स्किल की जानकारी दी जाती है. इन तीनों विषयों की जानकारी 240 घंटे में दी जाती है. कम्यूनिकेशन स्किल के तहत अंग्रेजी व हिंदी लिखने व पढ़ने के साथ ही बोलना भी सिखाया जाता है. इसके लिए स्टूडेंट को एक हजार रुपये जमा करना होता है.
यह पैसा कोर्स खत्म होने के बाद उसे वापस कर दिया जाता है. कोर्स सफलतापूर्वक पूरा हो जाने पर यह पैसा स्टूडेंट के बैंक खाते में डाल दिया जाता है. जो स्टूडेंट तीन बार कोशिश करने के बाद भी इस कोर्स की परीक्षा पास नहीं कर पाते उनके पैसे वापस नहीं किये जाते हैं.
क्या है कुशल युवा कार्यक्रम
वर्ष 2016 में प्रदेश सरकार द्वारा कुशल युवा कार्यक्रम की शुरुआत की गयी. इसके पीछे सरकार की सोच थी कि प्रदेश के युवा मेधावी होने के बावजूद कंप्यूटर व अंग्रेजी की समझ कम होने से प्रतियोगिता में पिछड़ जाते हैं. यही वजह है कि इस कार्यक्रम में इन्हीं बिंदुओं पर जोर दिया जाता है, ताकि इंटरव्यू में वे बेहतर प्रदर्शन करें.
इस योजना का लाभ उठाने के लिए बिहार का नागरिक होना जरूरी है. 10वीं व 12वीं की परीक्षा पास कर चुके विद्यार्थी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं. इस योजना का लाभ उठाने के लिए स्टूडेंट की उम्र 15 से 25 साल के बीच होनी चाहिए. एससी और एसटी के लिए उम्र सीमा 30 साल व ओबीसी के लिए 28 साल, जबकि दिव्यांग के लिए 30 साल है.
15 हजार युवाओं को दिया जाना है प्रशिक्षण
वित्तीय वर्ष 2018-19 में इस योजना के तहत 15 हजार युवाओं को प्रशिक्षण देना है. इस संबंध में सहायक प्रबंधक (स्कीम) मृत्युंजय कुमार बताते हैं कि अभी तक आठ हजार से ज्यादा युवाओं ने ऑनलाइन आवेदन किया है. इन सबको प्रशिक्षण दिया जा रहा है. जिले में यह कार्यक्रम 63 केंद्रों पर चल रहा है.
किन प्रखंडों में बरती जा रही लापरवाही
जिले के टनकुप्पा, फतेहपुर, नगर समेत बाराचट्टी प्रखंडों में चल रहे कौशल केंद्रों में लापरवाही की सूचना मिली है. वहीं श्रम विभाग से जुड़े अधिकारियों की मानें, तो कई और प्रखंडों में विद्यार्थियों के द्वारा कौशल केंद्र के संचालन में लापरवाही की शिकायत मिली है. जल्द ही ऐसे कौशल केंद्रों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी. इसके अलावा सभी केंद्रों की मॉनीटरिंग भी तेज की जायेगी.
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