धनबाद के सरायढेला स्थित काली मंदिर में की शादी

Published at :14 Apr 2018 4:26 AM (IST)
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धनबाद के सरायढेला स्थित काली मंदिर में की शादी

20 अप्रैल को बजनेवाली थी घर में शहनाई धनबाद/गया : गया(बिहार) के डोभी थाना क्षेत्र के धोंधवा गांव में जिस युवती को अंजलि समझ कर इलाज कराया जा रहा है, वह अंजलि नहीं है, वह कोई और ही है. अलबत्ता अंजलि के परिजन उस युवती का इलाज कराने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं. […]

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20 अप्रैल को बजनेवाली थी घर में शहनाई

धनबाद/गया : गया(बिहार) के डोभी थाना क्षेत्र के धोंधवा गांव में जिस युवती को अंजलि समझ कर इलाज कराया जा रहा है, वह अंजलि नहीं है, वह कोई और ही है. अलबत्ता अंजलि के परिजन उस युवती का इलाज कराने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं. घायल युवती मदनपुर थाना क्षेत्र के रानीकुआं गांव के एनएच टू के पास मिली थी. बताया जाता है कि युवती की हत्या का प्रयास किया गया था. अंजलि के परिजनों को विश्वास है कि घर से गायब हुई उनकी अंजलि ही घायल अवस्था में मिली है, लेकिन सच्चाई यह है कि अंजलि (19) ने अपने दूर के एक रिश्तेदार बेलगड़िया टाउनशिप के करण कुमार (22) से शादी कर ली है. करण महेश पासवान का पुत्र है. शुक्रवार को दोनों ने प्रभात खबर को आपबीती बतायी.
तय हो गयी थी शादी, बाजार से भाग गयी : अंजलि ने बताया कि वह गया कॉलेज गया में बीए पार्ट वन में पढ़ती है. बोधगया में एक समारोह में करण से उसकी भेंट हुई थी. इसके बाद दोनों के बीच प्रेम हो गया, लेकिन घरवालों को इसकी जानकारी नहीं थी. इधर, परिजनों ने उसकी शादी तय कर दी. 20 अप्रैल को शादी होनेवाली थी, लेकिन उसे लड़का पसंद नहीं था. नौ अप्रैल को शादी का सामान खरीदने बाजार गयी. करण भी वहां आया और दोनों गया से पटना भाग गये. अगले दिन धनबाद पहुंचे और सरायढेला स्थित काली मंदिर में शादी कर ली. उस दिन से कभी धनबाद, तो कभी हजारीबाग व पटना में किसी तरह से दिन गुजार रहे हैं.
घायल लड़की कौन और कहां है उसके परिजन? : रानीकुआं गांव के निकट एनएच टू की बगल में घायल हुई लड़की आखिर कौन है. उसके परिजन कहां के हैं, इन सारे सवालों का जवाब अब तक नहीं मिला है. आखिर कौन लोग हैं, जिसने उस लड़की के हाथ-पैर बांध कर गला को आधा काट कर मरने के लिए सड़क पर छोड़ दिया और अंजलि के परिजन उस घायल युवती को क्यों अपनी बेटी मान रहे हैं. एेसे कई सवालों के जवाब मिलना बाकी है.
नहीं जायेंगे घर : अंजलि ने कहा कि अब वह अपने घर को नहीं जायेगी. उसे डर है कि उसके परिजन उसे और उसके पति के साथ कुछ गलत न कर बैठे.
परिजनों ने दूसरी घायल युवती को माना अंजलि
घटना के बाद 10 अप्रैल को गया के पड़ोसी जिला औरंगाबाद के मदनपुर थाना क्षेत्र के रानीकुआं के पास एनएच टू पर एक युवती गंभीर अवस्था में घायल मिली थी. उसे अंजलि के परिजन अपनी बेटी मान अस्पताल में इलाज करा रहे हैं. करण और अंजलि दोनों ने बताया कि घायल युवती को परिजन भी नहीं पहचानते हैं, लेकिन किस कारण से परिजन उसे तरजीह दे रहे हैं, पता नहीं. अंजलि ने यह भी बताया कि उसने हंटरगंज में रहनेवाले अपने जीजा को वह शादी की बात बता चुकी है. बावजूद इसके उससे न तो परिजनों ने बात की और न ही उसने परिजनों से.
अंजलि के पिता नहीं हैं वह आठ भाई-बहन
अंजलि ने बताया कि उसके पिता का निधन हो चुका है. मां है. वह पांच भाई और तीन बहनें हैं. चार बड़े भाई और दो बड़ी बहनें हैं. सभी बड़े भाई-बहनों की शादी हो चुकी है. एक छोटा भाई पढ़ाई कर रहा है.
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