गया के धीरज जैन व पवन जैन की कंपनियों की संपत्ति जब्त

Published at :07 Apr 2018 4:42 AM (IST)
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गया के धीरज जैन व पवन जैन की कंपनियों की संपत्ति जब्त

गया/पटना : ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने नोटबंदी के दौरान गया शहर में बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में 60 से ज्यादा फर्जी खाते खोल कर लाखों रुपये की हेराफेरी करने का मामला पकड़ा है. इन खातों में रुपये जमा करके फर्जी कंपनियों के खातों में इन्हें ट्रांसफर किया गया था. इस मामले में इससे पहले […]

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गया/पटना : ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने नोटबंदी के दौरान गया शहर में बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में 60 से ज्यादा फर्जी खाते खोल कर लाखों रुपये की हेराफेरी करने का मामला पकड़ा है. इन खातों में रुपये जमा करके फर्जी कंपनियों के खातों में इन्हें ट्रांसफर किया गया था. इस मामले में इससे पहले ईडी दो बार अलग-अलग आरोपितों की संपत्ति जब्त कर चुका है. शुक्रवार को हुई कार्रवाई में ईडी ने गुड़गांव की दो शेल कंपनियों से जुड़े सभी लोगों की संपत्ति जब्त की है. ये खाते जीबी रोड स्थित बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में खोले गये थे.

जिन दो कंपनियों की संपत्ति जब्त की गयी है, वे इरोड (तमिलनाडु) के एक पते पर रजिस्टर्ड कंपनी मेसर्स नैनी एग्रो फूड्स प्राइवेट लिमिटेड और गुड़गांव स्थित मेसर्स जीएलएस फिल्म इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड हैं. ताजी कार्रवाई के तहत इन दोनों कंपनियों की तीन करोड़ 71 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की गयी है. इससे पहले ईडी ने इस मामले में सितंबर, 2017 में एक करोड़ 53 लाख और फरवरी 2018 में एक करोड़ आठ रुपये की संपत्ति जब्त की थी. इस तरह अब तक इस मामले में कुल छह करोड़ 25 लाख रुपये की संपत्ति जब्त हो चुकी है.
ये शेल कंपनियां जिन दो व्यापारियों की हैं, वे हैं धीरज जैन और बी पवन जैन. इनका संबंध
गया के धीरज जैन व पवन…
गया के मोती बाबू से रहा है. जांचकर्ताओं के मुताबिक, मोती बाबू के जरिये इन व्यापारियों के काले धन को सफेद किया गया था. मोती बाबू ने ही गया में बैंक की शाखा से सेटिंग करके फर्जी एकाउंट खोल कर पैसों की हेराफेरी करायी थी. नोटबंदी के बाद सर्वप्रथम 60 से ज्यादा फर्जी एकाउंट खोल कर इनमें रुपये जमा किये गये. फिर इन सभी खातों से पैसों को शेल कंपनियों के एकाउंट में ट्रांसफर किया गया था. इन दोनों कंपनियों में पैसे सीधे ट्रांसफर नहीं करते हुए इसे आधा दर्जन से ज्यादा फर्जी कंपनियों के अकाउंट से गुजारते हुए वहां तक पहुंचाया गया.
फर्जीवाड़े की इस पूरी प्रक्रिया में शामिल कंपनियों में श्री राम ओवरसीज, श्री गणेश ओवरसीज, राजेश ट्रेडिंग कंपनी, राधा ट्रेडिंग कंपनी,
सुनील ट्रेडिंग कंपनी, संदीप ट्रेडर्स जैसी कंपनियां भी शामिल हैं. इसके बाद अंत में एक करोड़ 77 लाख रुपये नैनी एग्रो कंपनी और एक करोड़ 94 लाख रुपये जीएलएस फिल्म इंडस्ट्रीज प्राइवेट कंपनी लिमिटेड तक पहुंच गये.
इस तरह दिल्ली के व्यापारी ने पटना के कनेक्शन का उपयोग कर ब्लैक मनी को व्हाइट करने का पूरा खेल रचा था. इस मामले में ईडी की जांच के बाद सभी आरोपितों की संपत्ति जब्त की जा रही है. अभी इस पूरे मामले के किंगपिन मोतीलाल के अलावा पवन जैन, चक्रेश जैन, अरविंद कुमार और बैंक मैनेजर हेमंत वर्मा फरार हैं. इनकी तलाश चल रही है.
गया में बैंक ऑफ इंडिया में खाते खोल कर फर्जी कंपनियों को ट्रांसफर किये गये थे रुपये
ताजी कार्रवाई के तहत जब्त की गयी है तीन करोड़ 71 रुपये की संपत्ति
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