फोर्ड हॉस्पिटल में नई तकनीक से पेसमेकर इंप्लांट, अब सामान्य तरीके से धड़केगा मरीज का दिल

Published by : Pritish Sahay Updated At : 18 May 2026 9:19 PM

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Ford Hospital

Ford Hospital: नालंदा के 22 साल के युवक को बार-बार बेहोश होने की समस्या के बाद फोर्ड हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां जांच में कम्प्लीट हार्ट ब्लॉकेज की पुष्टि हुई. डॉक्टरों की टीम ने अत्याधुनिक कंडक्शन सिस्टम पेसिंग तकनीक से सफल पेसमेकर इंप्लांट किया. इलाज के बाद मरीज पूरी तरह स्वस्थ होकर अस्पताल से डिस्चार्ज हो गया.

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Ford Hospital: नालंदा जिले के अंदौली, बाघाबीघा निवासी चंदन कुमार (बदला हुआ नाम) का फोर्ड हॉस्पिटल में अत्याधुनिक तकनीक से सफल पेसमेकर इंप्लांट किया गया. 22 साल का मरीज बार-बार बेहोश हो रहा था, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल लाया गया. जांच में मरीज को कम्प्लीट हार्ट ब्लॉकेज होने की पुष्टि हुई. इसके बाद वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. बीबी भारती और डॉ. सुशांत पाठक की टीम ने कंडक्शन सिस्टम पेसिंग (लेफ्ट बंडल ब्रांच एरिया पेसिंग) के साथ बैक मेन बंडल पेसिंग की प्रक्रिया सफलतापूर्वक की. मरीज स्वस्थ है और उसे डिस्चार्ज भी कर दिया गया है.

डॉ. सुशांत पाठक ने बताया कि इस तकनीक में दिल के सामान्य कंडक्शन सिस्टम की डुप्लीकेट रेप्लिका तैयार की जाती है, जिससे हृदय की धड़कन प्राकृतिक तरीके से संचालित होती रहती है. उन्होंने कहा कि सामान्य पेसमेकर लगाने पर भविष्य में मरीज को सांस फूलने जैसी समस्या हो सकती थी, लेकिन इस आधुनिक तकनीक से उस जोखिम को काफी हद तक कम किया गया है.

फोर्ड हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. बी बी भारती ने कहा कि अस्पताल में हृदय रोगों के इलाज के लिए आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ चिकित्सकों की सुविधा उपलब्ध है. उन्होंने बताया कि इस तरह की जटिल प्रक्रियाएं अब बिहार में भी सफलतापूर्वक की जा रही हैं, जिससे मरीजों को बाहर जाने की जरूरत कम पड़ रही है.

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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