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गॉल ब्लैडर कैंसर से जूझ रही महिला की डॉक्टर ने बचाई जान, पेट दर्द, मितली और उल्टी से थी परेशान

Updated at : 13 Jun 2025 6:27 PM (IST)
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डॉ. अभिषेक आनंद

डॉ. अभिषेक आनंद

Khagaria: खगड़िया के धांधी पचौट की जरीना देवी (67 साल) पिछले कई सालों से गॉल ब्लैडर कैंसर से जूझ रही थी. परेशानी बढ़ने पर वह कई डॉक्टरों से मिलीं, लेकिन राहत नहीं मिली. जुलाई 2024 में वह डॉ. अभिषेक आनंद के पास पहुंचीं, जहां उनका सफल इलाज हुआ.

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Khagaria: देश के प्रसिद्ध कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक आनंद ने खगड़िया के धांधी पचौट की जरीना देवी (67 साल) की जान बचा ली. वह गॉल ब्लैडर कैंसर से जूझ रही थी. शुरूआत में उनमें सामान्य से लक्षण थे, जिसमें पेट दर्द, मितली और उल्टी शामिल है. परेशानी बढ़ने पर वह कई डॉक्टरों से मिलीं, लेकिन राहत नहीं मिली. जुलाई 2024 में वह डॉ. अभिषेक आनंद के पास पहुंचीं, जहां उन्हें गॉल ब्लैडर कैंसर होने का पता चला. शुरुआत में दवाओं द्वारा इलाज चला. उपचार के दौरान महिला की स्थिति गंभीर हो गई थी, लेकिन निरंतर चिकित्सा और कीमोथेरेपी की मदद से अब वह पूरी तरह से स्वस्थ हैं. डॉ. आनंद नारायणा कैंसर सेंटर के निदेशक और पारस ऑएचएमआरआई हॉस्पिटल, पटना के मेडिकल ऑकोलॉजी विभाग के भी डायरेक्टर हैं. 

कैंसर का समय पर पता चलना ही उसके सफल इलाज की कुंजी: डॉ. आनंद 

डॉ. आनंद ने बताया कि कैंसर गंभीर बीमारी है. शुरुआत में इसके लक्षण सामान्य से होते हैं. इसलिए किसी भी लक्षण को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. शरीर में कुछ भी असामान्य लगे, तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें. कैंसर का इलाज प्रीसिजन मेडिसिन से कम समय में हो सकता है. उन्होंने बताया कि कैंसर से बचाव संभव है, यदि हम समय रहते जागरूकता अपनाएं. नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार, व्यायाम, तंबाकू और शराब से दूरी तथा किसी भी असामान्य लक्षण पर समय पर ध्यान देना. ये सभी आदतें कैंसर से बचाव में अहम भूमिका निभा सकती हैं.

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देश के जाने-माने कैंसर रोग विशेषज्ञ हैं डॉ. आनंद

डॉ. आनंद देश के जाने-माने कैंसर रोग विशेषज्ञ हैं. वह इस साल अब तक 10 से अधिक देशों में शोध पत्र प्रस्तुत कर चुके हैं. खगड़िया के रहने वाले डॉ. आनंद को कैंसर रोग संबंधित कई अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है. उन्होंने मई 2025 में खगड़िया में एक उच्च स्तरीय CME (Continuing Medical Education) का आयोजन किया था, जिसका विषय था- ” प्रीसिजन मेडिसिनः- ऑंकोलॉजी का भविष्य”. इस अवसर पर 57 डॉक्टरों ने भाग लिया. इस पहल का उद्देश्य था – कैंसर के उपचार में व्यक्तिगत अनुकूलन  की भूमिका को रेखांकित करना और भविष्य की ऑन्कोलॉजी प्रैक्टिस को आधुनिक दृष्टिकोण से जोड़ना. 

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Prashant Tiwari

लेखक के बारे में

By Prashant Tiwari

प्रशांत तिवारी डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत पंजाब केसरी से करके राजस्थान पत्रिका होते हुए फिलहाल प्रभात खबर डिजिटल के बिहार टीम तक पहुंचे हैं, देश और राज्य की राजनीति में गहरी दिलचस्पी रखते हैं. साथ ही अभी पत्रकारिता की बारीकियों को सीखने में जुटे हुए हैं.

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