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Darbhanga News: देश को विकसित राष्ट्र की श्रेणी में लाने के लिए हम सबों को मिलकर करना होगा काम

Updated at : 27 Jan 2026 11:17 PM (IST)
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Darbhanga News: देश को विकसित राष्ट्र की श्रेणी में लाने के लिए हम सबों को मिलकर करना होगा काम

Darbhanga News:उद्घाटन करते हुए लनामिवि के पीजी अर्थशास्त्र विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. विजय कुमार यादव ने कहा कि देश को विकसित राष्ट्र की श्रेणी में लाने के लिए हम सबों को मिलकर काम करना होगा.

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Darbhanga News: दरभंगा. एमएमटीएम कॉलेज में अर्थशास्त्र विभाग की ओर से मंगलवार को विकसित भारत की परिकल्पना विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी प्रधानाचार्य डॉ उदय कांत मिश्र की अध्यक्षता में हुई. उद्घाटन करते हुए लनामिवि के पीजी अर्थशास्त्र विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. विजय कुमार यादव ने कहा कि देश को विकसित राष्ट्र की श्रेणी में लाने के लिए हम सबों को मिलकर काम करना होगा. प्रधानमंत्री का प्रयास देश को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाना है. मुख्य अतिथि सह पीजी अर्थशास्त्र विभाग के अध्यक्ष डॉ अम्बरीष कुमार झा ने कहा कि देश को आत्मनिर्भर बनाने के रास्ते में कई चुनौती है. इस पर नियंत्रण के साथ ही लोगों के भोजन, वस्त्र और आवास की समस्याओं को दूर करना होगा. मुख्य वक्ता सीएम कालेज के अर्थशास्त्र विभाग के प्राध्यापक डॉ अवसार आलम ने कहा कि आने वाले समय में भारतीय अर्थव्यवस्था पांच ट्रिलियन के करीब होने वाली है. फिर भी गरीबी एवं बेरोजगारी बड़ी चुनौती है.

स्वच्छ जल, प्रदूषण मुक्त वातावरण उपलब्ध कराना चुनौतीपूर्ण- डॉ राम

इग्नू क्षेत्रीय केंद्र निदेशक डॉ संतन कुमार राम ने सतत विकास की अवधारणा पर बल दिया. कहा कि आज धरती पर सबों को स्वच्छता, स्वच्छ जल, प्रदूषण मुक्त वातावरण उपलब्ध कराना चुनौतीपूर्ण है. उन्होंने कचरा प्रबंधन की ओर ध्यान आकृष्ट कराया. शासी निकाय के सचिव डॉ राम सुदिष्ट चौधरी ने कहा कि भारत बसुधैव कुटुम्ब की धरती है. डिजिटल विश्व में स्वयं को स्थापित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है. विषय प्रवेश कराते हुए डॉ राज किशोर झा ने कहा कि विकसित भारत की परिकल्पना चुनौतीपूर्ण है. इसके लिए विकास की गति को 10 प्रतिशत करना होगा. स्वागत सिंडिकेट सदस्य डॉ बैद्यनाथ चौधरी ने किया. संगीत विभाग के हीरा कुमार झा ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया. संगोष्ठी तीन सत्रों में आयोजित की गयी.

विकसित भारत की परिकल्पना साकार करने के लिए सामाजिक परिवर्तन और समरसता आवश्यक- डॉ मिश्र

अध्यक्षता करते हुए प्रधानाचार्य डॉ उदय कांत मिश्र ने कहा कि विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने के लिये सामाजिक परिवर्तन और समरसता आवश्यक है धन्यवाद ज्ञापन डॉ जटा शंकर चौधरी ने किया. तकनीकी सत्र की अध्यक्षता डॉ अवसार आलम ने की. सह अध्यक्ष डॉ हरीन्द्र किशोर मिश्र थे. इस सत्र में प्रो. शंभू नाथ चौधरी, श्याम भास्कर, प्रवीण कुमार झा, आशुतोष कुमार झा, सरोज वर्णवाल, श्यामा कुमारी, डॉ हेम नारायण राय, चंद्र शेखर झा ने पत्रवाचन किया. धन्यवाद ज्ञापन शीतलांबर झा ने किया. मौके पर शैलेंद्र कश्यप, अजय किशोर, सीमा कुमारी, डॉ सतीश कुमार, अंजनी कुमार चौधरी, डॉ महेश ठाकुर, प्रियंका कुमारी, प्रतिमा चौधरी, हरि किशोर चौधरी, जीपी सिंह, मो. नेमत, रविन्द्र मिश्र आदि मौजूद थे.

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