Darbhanga News: संबद्ध कॉलेजों में शिक्षाकर्मियों ने किया प्रदर्शन, कहा- अनुदान नहीं वेतनमान चाहिए

Updated at : 28 Jun 2025 10:14 PM (IST)
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Darbhanga News: संबद्ध कॉलेजों में शिक्षाकर्मियों ने किया प्रदर्शन, कहा- अनुदान नहीं वेतनमान चाहिए

Darbhanga News:वित्तरहित शिक्षाकर्मियों ने सरकार की उदासीनता एवं सौतेला व्यवहार से तंग आकर शनिवार को अपने-अपने कॉलेजों में विरोध प्रदर्शन किया.

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Darbhanga News: दरभंगा. वित्तरहित शिक्षाकर्मियों ने सरकार की उदासीनता एवं सौतेला व्यवहार से तंग आकर शनिवार को अपने-अपने कॉलेजों में विरोध प्रदर्शन किया. अनुदान नहीं वेतनमान दो की मांग इन लोगों ने की. नगर समेत ग्रामीण इलाकों में अवस्थित अनुदानित कॉलेज एवं स्कूलों के कर्मियों ने सरकार के खिलाफ आक्रोश प्रकट किया. सरकार से अविलंब शिक्षा समिति की अनुशंसा लागू करने की मांग की गयी. व्यगत सत्रों के लंबित अनुदान का एकमुश्त भुगतान सीधे कर्मियों के खाते में करने, वित्त अनुदानित कर्मियों को राज्यकर्मियों की भांति वेतन सहित सभी सरकारी सुविधाएं देने की मांग की गयी. एमएमटीएम कालेज, अयाची मिथिला महिला कालेज बेनीपुर, राम बल्लभ जलान कॉलेज बेला, मिथिला महिला कॉलेज आजमनगर, बहेड़ा कालेज बहेड़ा आदि में शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मियों ने “अनुदान नहीं वेतनमान ” की मांग के समर्थन में प्रदर्शन किया. इसमें एएनभी फोरम पटना के आह्वान पर वित्तरहित शिक्षाकर्मियों के लिए अनुदान नहीं वेतनमान की मांग की गयी.

60 प्रतिशत छात्रों का भार उठा रहा संबद्ध कॉलेज

शिक्षाकर्मियों ने कहा कि विश्वविद्यालय ही नहीं प्रदेश स्तर पर लगभग 60 प्रतिशत छात्रों को उच्च शिक्षा मुहैया कराने में संबद्ध डिग्री कालेजों के शिक्षाकर्मी दशकों से अपनी भूमिका मजबूती व ईमानदारी से निभाते रहे हैं. इन कालेजों का प्रदेश के सकल नामांकन अनुपात दर बढाने में बड़ा योगदान है. बावजूद इन कालेजों के शिक्षाकर्मी सरकार की गलत शिक्षा नीति के कारण भूखा रहने पर मजबूर हैं.

अनुदान भी 10 सालों से लंबित

वक्ताओं ने कहा कि वित्त रहित शिक्षा नीति समाप्त कर सरकार ने अनुदान देना शुरू किया. वह भी करीब 10 वर्षों से लंबित है. सरकार ने आंतरिक श्रोत से प्राप्त आय का 70 प्रतिशत वेतन मद में खर्च करने का आदेश तो जारी कर दिया, परंतु कालेज प्रबंधन समिति की मनमानी के कारण 99 प्रतिशत कालेजों में इसका अनुपालन नहीं हो रहा. शिक्षाकर्मी को नियमित काम करने के बावजूद आर्थिक मजबूरी से जूझना पड़ रहा है. ऐसे में एक ही विकल्प है कि सरकार अनुदान नहीं वेतनमान दे. एमएमटीएम कालेज में डॉ महेश ठाकुर, डॉ राजकिशोर झा, भागीरथ चौधरी, डॉ चंद्र शेखर झा, अयाची मिथिला महिला कालेज बेनीपुर में अजय कुमार ठाकुर, विजय कांत, विजय कुमार, तारा नन्द ठाकुर, सत्य नारायण यादव, कृष्ण मोहन झा, राजकुमार चौधरी, कैलाश प्रसाद साह, नुनुकुमार चौधरी, नवल किशोर, रामनरेश ठाकुर, हरेराम झा, संजय कुमार ठाकुर, दिलीप झा आदि मौजूद थे. बहेड़ा कालेज बहेड़ा में डॉ अरविंद कुमार झा आदि आंदोलन में शामिल रहे.

कमतौल कॉलेज में शिक्षाकर्मियों ने मांगा वेतनमान

कमतौल. कमतौल कॉलेज में अनुदान नहीं वेतनमान फोरम के तय कार्यक्रम के अनुसार शनिवार को प्रधानाचार्य अजित कुमार की अध्यक्षता में धरना कार्यक्रम का आयोजन हुआ. मौके पर प्रधानाचार्य ने कहा कि लगभग 40 वर्षों से वित्तरहित शिक्षक व कर्मी बिना वेतन के काम कर रहे हैं. यह बिहार की शिक्षा व्यवस्था के लिए कलंक है. अरुण कुमार झा ने कहा कि जो करेगा वित्त रहित कर्मी का बेड़ा पार, बिहार में अबकी बार उनकी सरकार. दीपेश कुमार ठाकुर ने कहा कि अनुदान नहीं वेतनमान चाहिये. अनिल कुमार लाल कर्ण, रेखा कुमारी, दिलीप कुमार राय, अरुण कुमार झा, दीपेश कुमार ठाकुर, पिंकी कुमारी, रजनीश कुमार, आशा देवी, बाबुल कुमार, मो. अख्तर बिलाल, राजेश कुमार सिंह, मुकेश कुमार राय, दीपक कुमार, राम, आशीष मोची, मुकेश मेहतर आदि आंदोलन में शामिल थे.

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