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Darbhanga News: जिले में खतरों से भरा सफर करने को मजबूर हैं स्कूली छात्र-छात्राएं

Updated at : 21 Jan 2026 10:37 PM (IST)
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Darbhanga News: जिले में खतरों से भरा सफर करने को मजबूर हैं स्कूली छात्र-छात्राएं

Darbhanga News:क्षेत्रीय एवं जिला परिवहन विभाग, निजी स्कूल संचालकों तथा अभिभावकों की अनदेखी से स्कूली छात्र-छात्राएं प्रतिदिन खतरों भरा सफर करने को मजबूर हैं.

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Darbhanga News: राजकुमार रंजन, दरभंगा. क्षेत्रीय एवं जिला परिवहन विभाग, निजी स्कूल संचालकों तथा अभिभावकों की अनदेखी से स्कूली छात्र-छात्राएं प्रतिदिन खतरों भरा सफर करने को मजबूर हैं. अनफिट वाहनों में बच्चे आए दिन हादसे का शिकार हो रहे हैं. स्कूली वाहन क्षमता से दोगुना बच्चों को भेड़-बकरी की तरह लाद कर लाते-ले जाते हैं. कुछ स्कूलों को छोड़ दें तो अधिकतर में फिटनेस, ट्रांसपोर्ट परमिट, चालक का अपडेट ड्राइविंग लाइसेंस, इंश्योरेंस, फास्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र, वाहनों की खिड़कियों पर रॉड, स्कूल का फोन नंबर, वाहन की पंजीयन संख्या, आकस्मिक जानकारी सब गायब रहती है. परिवहन विभाग जमीन पर स्कूली बसों की फिटनेस की जांच ही नहीं करती.

जांच में मानक पर खरा नहीं उतरा एक भी थ्री व्हीलर

जिला परिवहन विभाग की मानें तो तत्कालीन डीटीओ राजेश कुमार एवं एडीटीओ उपेंद्र राव, स्नेहा अग्रवाल सहित एमवीआइ, इएसआइ के नेतृत्व में वर्ष 2025 के अप्रैल से जुलाई महीने तक शहर के प्रमुख निजी स्कूलों में टीम गठित कर मानक के अनुरूप 22 बिंदुओं पर गाड़ियों की जांच की गयी थी. जांच प्रतिवेदन में अंकित है कि स्कूल परिसर के बाहर खड़े एक भी थ्री व्हीलर, बच्चों को लाने-ले जाने के लिए मानक के अनुरूप नहीं मिले. अधिकांश वाहन पीले रंग में रंगे थे. वाहन में सीटे गायब थी. पटिया लगाकर अधिक बच्चों को बैठाने की व्यवस्था बना रखी गयी थी. मैजिक वाहनों में भी पटिए पर कुशन व कंवर लगा लिए गए थे. आगे की सीट पर दो की जगह 04 बच्चे बैठे मिले. पीछे की सीट पर जहां छह से आठ लोग बैठ सकते हैं, वहां पटिया पर 15 बच्चे बैठे थे. बसों में अग्निशमन व फर्स्ट एड बॉक्स सहित इमरजेंसी गेट बंद अवस्था में मिले.

अधिकतर वाहनों में ठूंस ठूंस कर बच्चों को भरा पाया गया था. जांच के क्रम में मैजिक-ऑटो में इतने अधिक बच्चे बैठे हुए थे कि कुछ बच्चे गेट पर खड़े पाये गये. ड्राइवर की सीट के दोनों तरफ दो-दो बच्चे बैठे मिले. पंजीकृत कई स्कूली बसों में बच्चे बोनट सहित डेस बोर्ड पर बैठे नजर आए.

करीब दो लाख बच्चे निजी स्कूलों में नामांकित

बता दें कि मंगलवार को सदर थाना क्षेत्र के लोआम गांव स्थित एक निजी स्कूल के अनफिट वाहन से गिरकर एक छात्र की दर्दनाक मौत हो गई थी. दूसरा बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया था. शिक्षा विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में करीब दो लाख बच्चे निजी स्कूलों में नामांकित है. इसमें करीब 40 हजार बच्चे रोजाना निजी स्कूल के वाहनों से स्कूल जाते-आते हैं.

जिले में 500 से ज्यादा छोटे-बड़े स्कूल वाहनाें का परिचालन

परिवहन विभाग के अनुसार 500 से ज्यादा छोटे-बड़े स्कूल वाहनों का जिले में परिचालन होता है. इसमें सभी प्रकार के लगभग 150 वाहन ही स्कूलों के नाम पर पंजीकृत है.

अनफिट वाहनों पर विभाग लगातार नजर बनाए हुए है. स्कूली वाहनों की जांच की जायेगी. अनफिट पाये जाने पर वाहनों के परिचालन पर रोक लगायी जायेगी.

रवि कुमार आर्य, डीटीओ

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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