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Darbhanga: शक्ति उपासना का महापर्व शारदीय नवरात्र 22 से, तैयारी में जुटा श्रद्धालु समाज

Updated at : 19 Sep 2025 5:49 PM (IST)
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Darbhanga: शक्ति उपासना का महापर्व शारदीय नवरात्र 22 से, तैयारी में जुटा श्रद्धालु समाज

शक्ति की अधिष्ठात्री देवी दुर्गा की उपासना को लेकर भक्तों का उत्साह परवान चढ़ने लगा है. कलश स्थापन की तिथि निकट आने के साथ इसकी तैयारी तेज हो गयी है.

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दरभंगा. शक्ति की अधिष्ठात्री देवी दुर्गा की उपासना को लेकर भक्तों का उत्साह परवान चढ़ने लगा है. कलश स्थापन की तिथि निकट आने के साथ इसकी तैयारी तेज हो गयी है. अधिकांश श्रद्धालुओं ने 10 दिनों तक चलनेवाले इस विशिष्ट अनुष्ठान को लेकर तैयारी पूरी कर ली है. वहीं जिनकी तैयारी अधूरी है, वे इसे पूरी करने में जुटे हैं, लिहाजा बाजार में भीड़ बढ़ गयी है. खासकर पूजन सामग्रियों की दुकान पर देर शाम तक खरीदार जमे रहते हैं. दूसरी ओर सार्वजनिक पूजन स्थलों पर भी तैयारी की रफ्तार बढ़ गयी है, हालांकि पिछले तीन-चार दिनों से मौसम के प्रतिकूल रहने की वजह से इस पर असर पड़ रहा है, बावजूद पूजा समिति के नेतृत्व में दिन-रात काम चल रहा है. एक तरफ जहां मूर्त्तिकार प्रतिमा को अंतिम रूप देने में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर कलाकार पंडाल को आकार दे रहे हैं. बता दें कि शहर में करीब चार दर्जन स्थलों पर सार्वजनिक पूजन का आयोजन होता है. इसके अतिरिक्त देवी मंदिरों में भी विशेष अनुष्ठान का आयोजन होता है.

इस बार 10 दिनों का हो रहा नवरात्र

आमतौर पर नवरात्र नौ दिनों का होता है. दसवें दिन विजया दशमी के दिन जयंती धारण के साथ नवरात्र पूजन का समापन हो जाता है. तिथि के लोप होने के कारण कई बार आठ दिनों की पूजा के बाद नौवें दिन ही विजया दशमी मनाई जाती है, लेकिन इस वर्ष 10 दिनों तक शक्ति की देवी दुर्गा की पूजा-अर्चना की जायेगी. इसके अगले दिन यानी 11वें दिन प्रतिमा का विसर्जन किया जायेगा. सालों बाद ऐसा योग बन रहा है. इस बावत पंडित विश्वनाथ शास्त्री बताते हैं कि तिथि के कारण ही 10 दिनों तक पूजा-अर्चना के बाद 11वें दिन जयंती धारण के साथ भगवती की प्रतिमा का विसर्जन किया जायेगा.

इस अवधि में कलश स्थापन उत्तम

कलश स्थापन के लिए इस बार प्रात: काल मुहुर्त्त उत्तम है. पंडित शास्त्री के अनुसार प्रात:काल कलश स्थापन कर पूजन आरंभ करना उत्तम होता है, लेकिन 22 सितंबर को सुबह 7.30 बजे से 09 बजे पूर्वाह्न तक अर्द्धपहरा रहेगा. इसमें कलश स्थापन निषिद्ध है, इसलिए इस अवधि में कलश स्थापन नहीं करें. वैसे सुबह 10 बजे तक मुहूर्त्त उत्तम है.

शारदीय नवरात्र में किस दिन क्या

कलश स्थापन- 22 सितंबररेमंत पूजा- 23 सितंबर

गण पूजा व विल्वाभिमंत्रण- 28 सितंबरपत्रिका प्रवेश एवं मूर्त्ति पूजन- 29 सितंबर

निशा पूजा- 29 सितंबरमहाष्टमी व्रत एवं संद्धि पूजन- 30 सितंबर

महानवमी व्रत एवं त्रिशूलनी पूजन- 01 अक्तूबरअपराजिता पूजा, जयंती धारण व प्रतिमा विसर्जन- 02 अक्तूबर

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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