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Darbhanga News: दस्तावेज की सच्ची प्रतिलिपि का सरकारी दर 800, बिचौलिये वसूल रहे 2000 से 3000 रुपये

Updated at : 10 Sep 2024 11:30 PM (IST)
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Darbhanga News :

Darbhanga News:सर्वे को लेकर अपनी जमीन के दस्तावेजों की सच्ची प्रतिलिपि की तलाश में लोग बेचैन हैं. गांवों से प्रतिदिन सैंकड़ों की संख्या में लोग पुराने दस्तावेजों की खाेज में जिला निबंधन कार्यालय पहुंच रहे हैं.

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Darbhanga News: राजकुमार रंजन, दरभंगा. सर्वे को लेकर अपनी जमीन के दस्तावेजों की सच्ची प्रतिलिपि की तलाश में लोग बेचैन हैं. गांवों से प्रतिदिन सैंकड़ों की संख्या में लोग पुराने दस्तावेजों की खाेज में जिला निबंधन कार्यालय पहुंच रहे हैं. यहां तक कि अन्य प्रदेशों से लोग काम- धंधा छोड़ कर कागजात की तलाश में जिला मुख्यालय में इस कार्यालय से उस कार्यालय भटक रहे हैं. भूमि से संबंधित दस्तावेज घर में नहीं मिलने, फरीक से इस बाबत सही जानकारी नहीं दिये जाने से निराश ऐसे लोग सीधे सर्वे कार्यालय, भूमि निबंधन कार्यालय, जिला अभिलेखागार आदि पहुंचते हैं. इन जगहों पर पहले से इन लोगों की टोह में बिचौलिये जाल बिछाये खड़े मिलते हैं. कार्यालय परिसर के मुख्य द्वार से ही बिचौलियों की टोका टाकी शुरू हो जाती है. हर तरह का काम चुटकी बजाते करा देने का ये बिचौलिये दावा करते हैं. मामला पट जाने पर मुंहमांगी राशि बिचौलिये पहले ही ले लेते हैं. निर्धारित समय पर काम नहीं होने पर अधिकांश बिचौलिये का दर्शन नहीं होने की शिकायत आम है. जिला निबंधन विभाग में बिचौलियों का बोलबाला है. सरकार ने प्रति दस्तावेज तलाशी एवं मुआयना का दर 100 रुपये निर्धारित कर रखा है. बिचौलिए 500 से 1000 रुपये लेते हैं. परेशान लोग मुंहमांगी राशि देने में ना-नुकुर तक नहीं करते. सच्ची प्रतिलिपि के सरकारी दर 800 रुपये के बदले 2000 से 3000 तक में बिचौलिए सौदा करते हैं.

अगले दिन के बदले दो सप्ताह में मिल रहा दस्तावेजों की सच्ची प्रतिलिपि

जिला भूमि निबंधन कार्यालय में खोज एवं मुआइना के लिए आवेदन लेने, सच्ची प्रतिलिपि प्राप्त करने से संबंधित समय तय कर रखा है. परिसर में बोर्ड पर इसे लिख रखा गया है. खोज एवं मुआयना के लिए आवेदन दोपहर 12 दोपहर बजे तक तथा सच्ची प्रतिलिपि के लिए दोपहर दो बजे तक आवेदन लिया जायेगा. सच्ची प्रतिलिपि आवेदन की अगली तिथि को सुबह 11 से शाम पांच बजे तक वितरित होगी. हालांकि विभाग का कहना है कि सच्ची प्रतिलिपि से संबंधित आवेदन काफी अधिक संख्या में आने से इन दिनों न्यूनतम 02 सप्ताह का समय लग रहा है. आम लोग गुमराह नहीं हो, बिचौलियों के चक्कर में नहीं पड़ें. इसके लिए समय-समय पर परिसर के अंदर माइकिंग भी करायी जाने की बात कही जा रही है.

डेली एक से डेढ़ लाख रुपये कमा रही सरकार

विभाग की मानें तो सामान्य दिनों में तलाशी एवं मुआयना के लिए प्रतिदिन 40 से 60 आवेदन तथा सच्ची प्रतिलिपि प्राप्त करने से संबंधित 30 से 40 आवेदन आता था. इससे विभाग को प्रतिदिन लगभग 40 से 50 हजार रुपये राजस्व की प्राप्ति होती थी. इन दिनों भूमि दस्तावेज की खोज एवं मुआयना के लिए 100 से 150 आवेदन आ रहा है. सच्ची प्रतिलिपि के लिए 80 से 100 के बीच आवेदन प्राप्त हो रहा है. विभाग को 80 हजार से एक लाख रुपये का प्रतिदिन राजस्व प्राप्त हो रहा है.

कहतीं हैं अधिकारी

जिला भू अवर निबंधक स्वीटी सुमन ने बताया कि तलाशी, मुआयना के लिए आवेदनकर्ता के साथ अवांछित तीन-चार व्यक्ति कार्यालय में मौजूद रहते हैं. भीड़ भाड़ की स्थिति से कार्य में कठिनाई होती है. अभिलेख की सुरक्षा पर भी बन आती है. इस वजह से खोज, मुआयना एवं सच्ची प्रतिलिपि का समय निर्धारित कर दिया गया है. आम लोगों का पूरा ख्याल रखा जा रहा है. समय-समय पर माइकिंग भी करायी जा रही है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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