Darbhanga News : भारत के सांस्कृतिक समृद्धि की प्रतीक के साथ ज्ञान और विज्ञान की संवाहक होती बोलियां

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डॉ संतन कुमार राम ने कहा कि मनुष्य को अन्य प्रजातियों से उसके स्वर यंत्र (लैरिंग्स) विशिष्ट रूप से अलग करते हैं.

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दरभंगा.

इग्नू क्षेत्रीय केंद्र में बुधवार को भारतीय भाषा उत्सव का आयोजन हुआ. अतिथियों का स्वागत करते हुए क्षेत्रीय केंद्र निदेशक डॉ संतन कुमार राम ने कहा कि मनुष्य को अन्य प्रजातियों से उसके स्वर यंत्र (लैरिंग्स) विशिष्ट रूप से अलग करते हैं. इससे पीढ़ी दर पीढ़ी लिखित और मौखिक रूप से ज्ञान का संचरण संभव हो सका है. कहा कि भारत विविधताओं का देश है. भाषाई विविधता के संरक्षण तथा भारतीय ज्ञान परंपरा के संवर्धन के लिये इस दिवस का आयोजन मलयालम भाषा के महाकवि एवं समाज सुधारक सुब्रमण्यम भारती के जन्मदिवस 11 दिसंबर पर किया जाता है.

सीएम कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. मुश्ताक अहमद ने भाषाई विकास क्रम तथा भाषाओं द्वारा परस्पर संस्कृतियों के जोड़ने में उनके महत्व पर प्रकाश डाला. कहा कि विश्व भर में यूनेस्को द्वारा लगभग 41000 बोलियों की पहचान की गई है. भारत में 6809 बोलियां बोली जाती है. यह बोलियां न सिर्फ भारत के सांस्कृतिक समृद्धि की प्रतीक है, बल्कि ज्ञान और विज्ञान के संवाहक भी है. कहा कि उर्दू विशुद्ध रूप से भारतीय भाषा है. किसी भी भाषा का स्वरूप सांप्रदायिक नहीं होता, बल्कि धर्म भाषाओं को अपनी सुविधा से अंगीकार करते हैं.

अनेक संघर्ष और प्रताड़ना से निकलकर संविधान की आठवीं अनुसूची में जगह बनायी मैथिली

पीजी मैथिली विभागाध्यक्ष प्रो. दमन कुमार झा ने कहा क��� अनेक संघर्षों और प्रताड़नाओं से निकलकर मैथिली भाषा ने संविधान की आठवीं अनुसूची में अपनी जगह हासिल की है. इसके लिए मिथिला की अनेक विभूतियों ने विभिन्न आंदोलनों और संघर्षों में अपना जीवन खपाया है. प्रो. झा ने कहा कि मातृभाषा ही सहज रूप से सीखने एवं सीखाने की भाषा होनी चाहिए. हमें तकनीकी और वैज्ञानिक शब्दावली का मैथिली में अनुवाद उपलब्ध कराकर विद्यार्थियों को सशक्त बनाना चाहिए. कहा कि भारत सरकार के प्रयास से मेडिकल एवं इंजीनियरिंग विषयों की पढ़ाई भी अब भारतीय भाषाओं में प्रारंभ की गई है. यह सरकार का सकारात्मक कदम है. संविधान दिवस पर इस वर्ष मैथिली भाषा में संविधान के अनुवाद को राष्ट्रपति द्वारा लोकार्पित किया गया है. इससे संविधान की मूल भावना को मिथिला क्षेत्र वासियों तक पहुंचने में सहजता होगी. संचालन सहायक क्षेत्रीय निदेशक डॉ आकाश अवस्थी ने किया. उन्होंने भाषा के विकास क्रम स्थानीय भाषाओं के महत्व मातृभाषा की शिक्षक पद्धतियों की जानकारी दी. इस अवसर पर इग्नू के विद्यार्थी तथा क्षेत्रीय कार्यालय कर्मी मौजूद थे.

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