सरकारी एंबुलेंस चालकों की हड़ताल से मरीज व परिजन बेहाल

Updated at : 22 Jun 2024 11:16 PM (IST)
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सरकारी एंबुलेंस चालकों की हड़ताल से मरीज व परिजन बेहाल

एंबुलेंस चालकों की हड़ताल का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है.

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दरभंगा. एंबुलेंस चालकों की हड़ताल का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है. संघ के जिलाध्यक्ष भोगेन्द्र कुमार मिश्र ने कहा है कि श्रम अधिनियम के तहत दो माह का बकाया वेतन, क्षेत्रीय पदाधिकारी का निलंबन, नियुक्ति पत्र, पीएफ, इएसआइसी, सैलरी स्लीप, निलंबित कर्मी की पुनः वापसी, वेतन कटौती पर रोक, बकाया एरियर विपत्र के साथ अविलंब भुगतान किये बिना वे लोग काम पर नहीं लौटेंगे. एएमटी व एंबुलेंस चालक मिलाकर 280 कर्मी है. एक माह का कुछ कर्मियों के खाते में पैसा तो मिला है, परंतु सभी के खाते में नहीं दिया गया है. कहा कि आठ घंटा काम के बदले 12 घंटा काम लिया जाता है. मांगे पूरी नहीं होने तक हड़ताल पर रहने की बात कही. कहा कि एंबुलेंस चालकों को मजदूर से भी कम वेतन दिया जाता है. पीएफ नहीं दिया जाता है. पीएफ का पैसा एजेंसी घोटाला करता है. अतिरिक्त काम का पैसा नहीं दिया जाता है. मौके पर जिला सचिव विक्रम पासवान, रामनारायण सिंह, ललन पासवान, रामाशीष महतो, मनोज कुमार यादव, गंगाराम, सुभाष झा, जागेश्वर कुमार, पवन कुमार यादव, ललन आदि मौजूद थे. डीएमसीएच उपाधीक्षक डॉ हरेंद्र कुमार ने बताया कि जबतक एंबुलेंस चालकों की हड़ताल है, तब तक बच्चों को एमसीएच से शिशु वार्ड तक ले जाने के लिए के लिए वैकल्पिक एंबुलेंस की व्यवस्था की गयी है.

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